
फरीदाबाद: नगर निगम सदन की बैठक में स्ट्रीट लाइटों को निगम की ओर से 50 करोड़ का बजट पेश किया गया। इसके साथ ही रखरखाव को लेकर 13 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया था, जबकि यह बजट 2025-26 में 10 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद शहर की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। स्ट्रीट लाइटों की बदहाल स्थिति को देखते हुए निगम के इस प्रस्ताव पर पार्षदों और विधायकों द्वारा सवाल भी खड़े किए गए। उनका कहना था कि अधिकतर स्ट्रीट लाइटे खराब रहती है। ऐसे में यह बजट निगम की ओर से कहा खर्च किया जाता है। निगम के दावों की पोल सड़कों पर पसरा अंधेरा भी खोल रहा है। शहर में अलग-अलग जगहों पर 200 से अधिक स्ट्रीट लाइट खराब है। इस कारण शहर में प्रतिदिन निकलने वाले 50 हजार से अधिक वाहन चालक अंधेरे में ही सफर करने को मजबूर हैं।
बंद पड़ी हैं 80 से अधिक स्ट्रीट लाइट
सैनिक कालोनी से गुरुग्राम रोड पर जाने वाली सड़क पर और अनखीर चौक से सैनिक कालोनी मोड़ वाले मार्ग पर 80 से अधिक स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। कालोनी में रहने वाले राजेश पटेल, दिलीप भारती ने बताया कि लाइटें पिछले काफी समय से बंद पड़ी है। निगम के वार्ड आफिस में भी कई बार लाइटों को लेकर शिकायत की गई है। सैनिक कालोनी रोड से होकर लोग गुरुग्राम जाते हैं। सेवानिवृत कैप्टन दिलीप भारती के अनुसार इस सड़क पर काफी हादसे भी हो चुके हैं।
नीलम बाटा रोड पर भी पसरा रहता है अंधेरा
नीलम बाटा रोड पर दोनों तरफ 60 से अधिक स्ट्रीट खराब है। इस सड़क पर 20 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट बने हुए है। इसके साथ ही अस्पताल भी है। नेशनल हाइवे से आने वाले लोग एनआइटी की कालोनियों में जाने के लिए इसी सड़क का प्रयोग करते हैं। इसके साथ ही होटल और रेस्टोरेंट में आने वाले लोग अंधेरे से होकर गुजरते हैं।
गौंछी ड्रेन के किनारे भी सभी स्ट्रीट लाइट बंद
गौंछी ड्रेन के किनारे मछली मार्केट से लेकर सेक्टर-52 तक 50 से अधिक स्ट्रीट लाइट खराब है। पिछले साल सितंबर में अंधेरे की वजह से कार में सवार तीन युवक ड्रेन में गिर गए थे। अंधेरा होने की वजह से बचाव कार्य में भी लोगों को काफी परेशानी हुई। तीन युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। घटना के बाद मेयर प्रवीण बतरा जोशी ने निरीक्षण करके स्ट्रीट लाइट सही करवाने के आदेश दिए थे।
क्या बोले लोग
स्ट्रीट पिछले काफी समय से बंद पड़ी है। सैनिक कालोनी वाली सड़क एचएसवीपी के अधीन आती है। कार्यकारी अभियंता को इस बारे में शिकायत दी गई है। अंधेरे की वजह से कोई भी हादसा हो सकता है। इस बारे में वरिष्ठ अधिकारी संज्ञान लें।
– जगत सिंह, वार्ड-19
स्ट्रीट लाइटों को लेकर पहले भी शिकायत आई थी। संबंधित कार्यकारी अभियंता को लाइटें ठीक करने के लिए कहा गया है। उम्मीद है कि एक या दो दिन के भीतर स्ट्रीट लाइट सही हो जाएगी।
– हरिकृष्ण गिरोटी, वार्ड-13
नंबर गेम
- 50 करोड़ रुपये स्ट्रीट लाइट को लेकर निगम ने किया जारी
- 13 करोड़ रुपये रखरखाव पर खर्च करने का दावा
- 10 करोड़ रुपये 2025-26 में स्ट्रीट लाइट को लेकर रखा गया था बजट
- 80 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट सैनिक कालोनी से गुरुग्राम जाने वाली सड़क पर खराब
- 60 से अधिक स्ट्रीट लाइट नीलम बाटा रोड पर खराब
- 20 स्ट्रीट लाइट गौछी ड्रेन के किनारे रखी खराब
NEWS SOURCE Credit :jagran
