
फरीदाबाद: सेक्टर तीन स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में उस समय हलचल हो गई, जब 11वीं कक्षा के विद्यार्थी के बैग में चाकू, दो मोबाइल, एयरगन और माचिस मिली। शुरू में एयरगन को अध्यापक असली पिस्तौल मान रहे थे। उन्होंने छात्र से पूछताछ करके पुलिस में शिकायत दी। जिसके बाद मौके पर सेक्टर तीन चौकी से पुलिस पहुंची। पुलिस ने छात्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि दोस्त का जन्मदिन था, इसलिए वह केक काटने के लिए बैग में घर की रसोई का चाकू और माचिस लेकर आया था। एयरगन उसने खेलने के लिए बैग में रखी हुई थी। उसने अपने साथ चार और छात्रों का साथ होने की बात कही। पूछताछ के बाद पुलिस ने छात्रों को छोड़ दिया।
सहपाठियों से चल रहा था विवाद
स्कूल में ऐसी चर्चा भी रही कि सहपाठियों से विवाद चल रहा था, इसलिए छात्र चाकू और एयरगन लेकर पहुंचे थे, मगर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। उधर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत देने के बाद भी छात्रों पर केस दर्ज नहीं किया गया। अगले दिन छात्रों स्कूल भी पहुंच गए। प्रबंधन ने ऐसे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, इससे अन्य विद्यार्थियों तथा अध्यापकों को भी खतरा हो सकता है।
स्कूल प्रबंधन द्वारा पुलिस को दी शिकायत के अनुसार तीन अगस्त को सिकरौना गांव स्थित सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई शिक्षिका की हत्या की घटना को देखते हुए एहतियात के तौर पर कक्षाओं में विद्यार्थियों के बैग की जांच की जा रही है। 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के बैग की जांच के दौरान एक बैग में चाकू, दो मोबाइल फोन, माचिस और एक एयर गन मिले। विद्यार्थियों से जब पूछताछ की गई तो सभी ने बैग को पहचानने से इंकार कर दिया। एक विद्यार्थी ने कहा कि उसका बैग है तथा चार अन्य विद्यार्थियों के इसमें शामिल होने की बात कही।
पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, बढ़ जाएगी विद्यार्थियों की हिम्मत
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इसमें तीन विद्यार्थी बालिग हैं, जबकि दो नाबालिग हैं। विद्यार्थियों के पास चाकू व एयरगन मिलने के बाद भी कार्रवाई न होने से स्कूल में अन्य विद्यार्थियों और अध्यापकों की सुरक्षा को खतरा है। स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस से लिखित में मांग की है कि स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए। उधर, इस मामले के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी डा. अंशु सिंगला और खंड शिक्षा अधिकारी सतीश चौधरी ने स्कूल जाना जरूरी नहीं समझा।
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