करनाल के सेक्टर-13 में लॉक डाउन में दुकान न चलने से परेशान होकर घर में दुकानदार ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि दुकानदार लॉक डाउन की वजह से काम ना चलने के कारण मानसिक रूप से परेशान था। लेकिन मृतक के परिजनों ने इसके बाद एक नेक काम किया है। आत्महत्या के बाद परिवार के लोगों ने मृतक का नेत्रदान किया है।
43 साल मृतक शैलेंद्र राजपाल की करनाल के कर्ण गेट पर लहंगे – सूट की दुकान थी। लॉक डाउन में शादियां हो नहीं रही थी, काम धंधा बन्द था। जिसके चलते वो कई समय से परेशान चल रहे था। कल रात को अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है।
शैलेंद्र के 2 बेटे हैं जिन्होंने पिता की मौत के बाद एक नेक काम किया, अपने पिता की आंखों को दान कर दिया। अपना आशियाना सामाजिक संस्था के माध्यम से मृतक के परिजनों ने माधव नेत्र बैंक को उनकी आंखें दान की। जिससे उनके मरने के बाद भी 2 लोग उनकी आंखों से ये दुनिया देख पाएंगे।
बहरहाल लॉक डाउन के चलते लोगों को काफी परेशानी तो हुई क्योंकि लोगों के काम काज पर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में कुछ लोग सुसाइड जैसा कदम उठा रहे हैं।
