जम्मू । अयोध्या में बनने जा रहे भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के भूमि पूजन में जम्मू कश्मीर के विभिन्न धार्मिक स्थलों की मिट्टी भी इस्तेमाल होगी। इसमें माता माता वैष्णो देवी के अलावा जम्मू स्थित बाबे वाली माता, रघुनाथ मंदिर, पीर खोह मंदिर, रियासी में शिवखोड़ी, पुंछ में बाबा बुड्ढा अमरनाथ, ऊधमपुर में सुदमहादेव मिंदर और लद्दाख में सिंधु नदी के घाट की मिट्टी भी शामिल है।
सोमवार को शिवखोड़ी धार्मिक स्थल से विहिप के जिला सहमंत्री सुनील कुमार, बजरंग दल के पदाधिकारी पंकज कुमार आदि ने मिट्टी को विहिप के कार्यालय में पहुंचाया। उधर, कठुआ जिले में बिलावर के प्रसिद्ध देवस्थान माता सुकराला देवी, माता बाला सुंदरी, बिल्केश्वर मंदिर, गुर्णाल मंदिर, नरसिंह भगवान मंदिर कोहग, पंचवक्त्र मंदिर, पंचतीर्थी उज्ज, वरुण देवस्थान उज्ज पुल, बसंतर गंगा धार, उत्तरवाहिनी, बाबा योग ध्यान रामकोट, माता चिंतपूर्णी मकवाल, टेडी माता मंदिर रजवालता, रामसर दान जसधार, गोशाला मांडली, शरड ठेंठू मंदिर, रिंगडी माता गड़ी, दुर्गापुरी मंदिर, गुडा बनी आप शंभू मंदिर आदि स्थानों से जल और मिट्टी को कलश में भरकर विहिप कार्यालय जम्मू भेजा गया है।
विश्व हिंदू परिषद के कठुआ जिला प्रधान कैप्टन पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इस कार्य में मास्टर बलदेव, प्रदीप शास्त्री, महेंद्र सिंह मनकोटिया, विजय कुमार आदि ने सहयोग दिया है।
यह ऐतिहासिक पल, पांच को घरों में जलाएं दीपक :
विश्व हिंदू परिषद जम्मू कश्मीर ने प्रचार सचिव राजेश भसीन ने कहा कि धार्मिक स्थलों से मिट्टी एकत्र करने के काम में तेजी लाई गई है। यह ऐतिहासिक पल है कि जम्मू कश्मीर के धार्मिक स्थलों की मिट्टी भव्य राम मंदिर निर्माण के काम में इस्तेमाल होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पांच अगस्त के दिन वे अपने घरों में पांच-पांच दीपक जरूर जलाएं और भगवान श्री राम का जाप करें। इस दिन अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर बनाने के लिए भूमि पूजन होना है।
