नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों और दलितों के खिलाफ हिंसा और अत्याचार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं, इसलिए योगी सरकार ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया है। अगर जनता की आवाज उठाना देशद्रोह है तो वह देशद्रोही हैं।

दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में AAP के वरिष्ठ नेताओं में शुमार संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, सपा, शिवसेना, राजद, टीआरएस, टीडीपी, डीएमके, अकाली दल, एनसीपी और कई अन्य दलों के 37 सांसदों ने उनका समर्थन किया है। उन्होंने राज्यसभा सभापति को भी चिट्ठी लिखकर इस मामले की जांच कराने के लिए आग्रह किया है।
संजय सिंह ने यह भी बता कि शुक्रवार को सभापति ने सदन को यह सुनिश्चित किया है कि इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैंने सभापति से आग्रह किया है कि यदि मैं देशद्रोही हूं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई की जाए और मुझे जेल में डाला जाए। यदि नहीं हूं तो इस प्रकार के झूठे केस मुझ पर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
3 माह में 13 केस आज तक किसी माफिया के खिलाफ नहीं हुए
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें देशद्रोही बता रहे हैं, पिछले तीन माह में उनके खिलाफ उप्र सरकार ने 13 मुकदमे दर्ज कराए हैं। वहां इतने कम समय में 13 मुकदमे किसी माफिया के खिलाफ नहीं हुए। उन्होंने कहा कि 20 सितंबर को वह लखनऊ पुलिस के सामने पेश होंगे और जो भी जानकारी और मदद चाहिए, मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि AAP नेता संजय सिंह यूपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। खासकर दलितों और ब्राह्मणों के खिलाफ हिंसा को उन्होंने प्रमुख मुद्दा बनाया है।
