उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के सिलसिले में दायर आरोपपत्र में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और अधिवक्ता प्रशांत भूषण का नाम शामिल किया है। इसके अलावा आरोपपत्र में कई नेता, वकील और सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम भी सामने आए है।

कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत के समक्ष दायर आरोपपत्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद व अधिवक्ता प्रशांत भूषण का नाम सामने आया है। उनके नाम कांग्रेस की पूर्व पार्षद एवं दिल्ली दंगों की साजिशकर्ता मानी जा रही इशरत जहां और एक अन्य आरोपी खालिद सैफी ने अपने इकबालिया बयान में लिया है। इस तरह के बयान भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 के तहत अदालत में स्वीकार योग्य नहीं है। अपने इकबालिया बयान में, इशरत जहां ने कहा कि कई दिग्गजों जैसे पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, योगेंद्र यादव ने प्रदर्शनों में भाग लिया। खालिद सैफी और अन्य गवाहों ने भी ऐसे ही बयान दिए। इन सभी को पुलिस ने आरोपपत्र के कॉलम 12 में रखा है. जोकि संदिग्धों की सूची होती है। इनसे पूछताछ की जा सकती है।
आरोपियों के वकीलों को मिली आरोपपत्र की प्रति
इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए ताहिर हुसैन, इशरत जहां एवं अन्य के वकीलों को सोमवार को आरोपपत्र की प्रति सौंप दी गई। यह पूरक आरोपपत्र दिल्ली दंगों में मुकदमा दर्ज होने के दो सौ दिनों के भीतर दाखिल कर दी गई है. दंगों की साजिश के पीछे आरोपपत्र में मुख्य आरोपी के तौर पर ताहिर हुसैन, सफूरा जारगर, गुलफिशा खातून, दवांगना कलिता, शफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, नताशा नरवाल, अब्दुल खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरन हैदर, शबाद अहमद, तलसीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान और अतहर खान का नाम आया है.
शरजील इमाम, उमर खालिद के खिलाफ अलग से दायर होगा आरोपपत्र
ताहिर हुसैन का नाम चार्जशीट में मुख्य अभियुक्त के रूप में शामिल है. हालांकि पुलिस ने बताया कि आरोपपत्र में उमर खालिद, शरजील इमाम, मोहम्मद परवेज अहमद, मोहम्मद इलयास, दानिश और फैजल खान के नाम नहीं है. इनके नाम को जोड़कर आगे पूरक आरोपपत्र तैयार किया जाएगा।
