दिल्ली : उत्तरी दिल्ली नगर निगम की बैठक मंगलवार को काफी हंगामेदार रही। सदन की कार्यवाही के दौरान हंगामा करने पर महापौर जयप्रकाश ने आम आदमी पार्टी के 22 पार्षदों को सदन की तीन बैठकों के लिए निलंबित कर दिया।

दरअसल, सदन की बैठक शुरू होते ही नेता सदन योगेश वर्मा ने कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे को रखा। उन्होंने दिल्ली सरकार से बकाया फंड और कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे को सुलझाने के लिए निगम के स्रोत बढ़ाने की बात कही। वहीं, दूसरी और विपक्ष के पार्षद स्वास्थ्य निदेशक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ता देख कुछ समय के लिए सदन की बैठक को स्थगित करना पड़ा। दोबारा सदन की बैठक शुरू होने पर आप पार्षद स्वास्थ्य निदेशक पर कार्रवाई के संबंध में सदन से जवाब की मांग पर अड़ गए। इसके बाद आप पार्षद हंगामा करते हुए महापौर के सामने वेल में पहुंच गए। इसे देखते हुए महापौर ने पार्षदों को हंगामा नहीं करने के लिए तीन बार चेतावनी दी, लेकिन पार्षद नहीं माने। इसके बाद महापौर ने कार्रवाई करते हुए 22 पार्षदों को आगामी तीन बैठकों के लिए निलंबित कर दिया।
कोरोना नियमों का उल्लंघन कर वेल में पहुंचे पार्षद : मेयर
मेयर जयप्रकाश ने कहा कि विपक्ष के सभी पार्षद कोरोना के नियमों का उल्लंघन करते हुए वेल में पहुंच गए थे। साथ ही सदन की गरिमा का पालन नहीं करते हुए हंगामा कर रहे थे। इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही थी। इसको देखते हुए पार्षदों पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पार्षद तीनों नगर निगमों में हंगामा करने का काम करते हैं।
