नई दिल्ली : दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया के डी ब्लॉक स्थित एक फैक्ट्री में सुबह करीब साढ़े दस बजे आग लग गई। सूचना पर मौके पहुंची दमकल की 32 गाड़ियां से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक किसी के जनहानि की सूचना नही है। बताया जा रहा कि फैक्ट्री में जूता बनाया जाता था। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पाने में अभी काफी समय लगेगा। आग पर काबू पाने में कम से कम चार से पांच घण्टे और लगेंगे। फेक्ट्री में जब आग लगी थी। उस दौरान करीब 500 कामगार थे। सभी को समय रहते बाहर निकाल लिया गया

आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, धुंए से पूरा इलाका ढक गया है। आग बढ़ती ही जा रही है। अधिकारियों ने आस-पास की फैक्टरियों को खाली कर दिया है। वहीं, कंपनी के कर्मचारियों का आरोप है कि सूचना देने के बाद दमकल की गाड़ियां देरी से पहुंची। उधर, दमकल विभाग ने लोगों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियों को रवाना कर दिया गया था।
खाना बनाते समय सिलेंडर में लगी आग से झुलसा परिवार
वहीं, दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में खाना बनाते समय एक घर में आग लग गई। इस कारण परिवार के छह सदस्य आग की चपेट में आकर झुलस गए। इस हादसे के बाद झुलसी हालत में परिवार के सभी सदस्यों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। आग पाइप में लीकेज की वजह से लगी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि बुधवार को संजय कॉलोनी में भाटी माइंस स्थित सी ब्लॉक के एक घर में आग लगने की सूचना मिली। जांच में पता चला आग एलपीजी सिलेंडर की पाइप लीक होने की वजह से लगी थी। उस वक्त घर में खाना बनाया जा रहा था। घायलों में मंसूर, उनकी पत्नी, बेटी और तीन बच्चे शामिल हैं। घायलों में मंसूर की पत्नी और सात वर्षीय बेटा 70 फीसद झुलसा है, जबकि दो साल का बच्चा 20 प्रतिशत। बाकी सभी मामूली रूप से आग की चपेट में आए, जिन्हें प्राथमिक इलाज मिलने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई। मंसूर भाटी माइंस में समोसे बेचता है। इसी सिलसिले में वह खाने का सामान बना रहा था तभी घर में आग लग गई।
