Close Menu
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Facebook WhatsApp
Faridabad News24
  • होम
  • देश-विदेश
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • फरीदाबाद
  • वायरल
  • जॉब अलर्ट
  • सेहत
  • क्राईम
  • मनोरंजन
  • संपर्क करें
Home » छात्रों के भविष्य व कानूनों की अनदेखी में जे सी बोस यूनिवर्सिटी पहले पायदान पर : विकास फागना

छात्रों के भविष्य व कानूनों की अनदेखी में जे सी बोस यूनिवर्सिटी पहले पायदान पर : विकास फागना

faridabadnews24By faridabadnews24October 31, 2020No Comments3 Mins Read

फरीदाबाद : जे सी बोस यूनिवर्सिटी (वाईएमसीए) फरीदाबाद केनामी शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है, लेकिन अपनी कार्यशैली के कारण हमेशा विवाद व चर्चा में बना रहता है। (एनएसयूआई) के जिलाउपाध्यक्ष विकास फागना ने प्रेस नोट के माध्यम से बताया कि जे सी बोस यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले कई कॉलेजों से यूनिवर्सिटी का पिछले काफी समय से विवाद चल रहा है जो कि न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि कई वर्षों में यूनिवर्सिटी ने कभी भी माननीय सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइंस का पालन नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2013 में दिए गए पाश्र्वनाथ जजमेंट के आदेशानुसार प्रत्येक वर्ष की 15 मई तक कॉलेजों को एफिलिएशन देना होता है जबकि यूनिवर्सिटी ने जबसे यह एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी बनी है तब से आज तक किसी भी कॉलेज को तय समय सीमा के अनुसार एफिलिएशन नहीं दिया और न ही संबधित अधिकारियों के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाही की। श्री फागना ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटियों की मनमनियों को रोकने व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने एवं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को स्थापित करने के लिए निर्धारित समय सीमा और एक कानून भी बनाया था। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने एफिलिएशन से लेकर एडमिशन तक की समय सीमा को भी तय किया था।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा मे भर्ती के समय परेशानी व अनिश्चित्ता पर रोक लगने के लिए यह क ानून बनाया था। जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए क ानून की अवहेलना करते हुए यूनिवर्सिटी अपनी मनमानी कर रही है इससे प्रतीत होता है कि उक्त मामला यूनिवर्सिटी के चांसलर (राज्यपाल- हरियाणा) के संज्ञान में भी नहीं है या यूनिवर्सिटी द्वारा उन से यह तथ्य छिपाए जा रहे हैं। सभी एफिलिएटिड संस्थानों और उनके बच्चों का भविष्य अब न्यायालय के हाथ में है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी द्वारा समय पर एफिलिएशन न देने के कारण कई हजार बच्चों का भविष्य अधर में लटकता हुआ नजर आ रहा है। लेकिन यूनिवर्सिटी अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रही हैं। श्री फागना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे सभी सरकारी पदाधिकारियों और यूनिवर्सिटियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाही की जानी चाहिए। जबकि  न्यायालय की अवमानना व लापरवाहियों के कारण इन्हें न्यायालय  द्वारा फटकार भी लगाई जा चुकी है। जे सी बोस यूनिवर्सिटी देश के सर्वोच्च न्यायालय, केंद्र सरकार और यहाँ तक की यूजीसी के नियमों का भी पालन नहीं करती और जान बूझकर देरी करती है। चूंकि अभी केंद्र सरकार, यूजीसी और (एआईसीटीई) की गाइड लाइंस के मुताबिक 30 नवम्बर तक एडमिशन किये जाने हैं। इस संर्दभ में जे सी बोस यूनिवर्सिटी का कहना है कि वह 31 अक्टूबर तक ही एडमिशन करेगी। ऐसे में यहाँ के छात्रों में अपने भविष्य को लेकर डर बना रहता है।

faridabadnews faridabadnews24 JC Bose University ranks first in ignoring students' future and laws: development fag
Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube
Share. Facebook Twitter WhatsApp Email Telegram Copy Link
faridabadnews24

Related Posts

ढहाए गए 10 अवैध निर्माण, फरीदाबाद में मोहना एलिवेटेड मार्ग पर चला PWD का बुलडोजर

July 19, 2026

निगम को सख्त कार्रवाई के आदेश, फरीदाबाद में बिना नक्शे बनी चौथी मंजिलों पर चलेगा बुलडोजर

July 14, 2026

फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र की बसंतपुर कॉलोनी में, पति ने ससुर के सामने ब्लेड से काटा पत्नी का गला, हालत नाजुक

July 14, 2026
Leave A Reply Cancel Reply

Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

News

  • देश-विदेश
  • फरीदाबाद
  • हरियाणा
  • कारोबार
  • क्राईम
  • मनोरंजन

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 ThemeSphere. Designed by CSe.
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.