फरीदाबाद : वर्ष 2010 में भर्ती हुए ड्राइंग टीचर्स ने सोमवार को अपनी नौकरी बचाने को लेकर हरियाणा वेयर हाउस के चेयरमैन एवं पृथला से विधायक नयनपाल रावत से गुहार लगाई और उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान गांव चंदावली स्थित कार्यालय पहुंचे ड्राईंग टीचरों ने विधायक श्री रावत को बताया कि नौकरी छीन जाने के कारण उनके व उनके परिवार के समक्ष भरण पोषण की दिक्कतें आ गई है, ऐसे में अगर सरकार ने उन्हें नौकरी नहीं दी तो वह भूखे मरने को मजबूर हो जाएंगे। ड्राईंग टीचरों का दुखड़ा सुनने के बाद विधायक नयनपाल रावत ने आश्वासन दिया है कि यदि मुख्यमंत्री और सरकार के हाथ में उनकी नौकरी होगी तो वो जरूर उनकी रोजी-रोटी को बचाने का काम करेंगे और उनकी बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पहली ऐसी सरकार है, जिसने रिकार्ड स्तर पर लोगों को रोजगार देने का काम किया है, वह भी पारदर्शिता प्रणाली के तहत। अगर इन ड्राईंग टीचरों की नियुक्ति में कोई खामियां है भी तो इनमें इनकी कोई गलती नहीं है, ऐसे में सरकार से इन्हें समायोजित करने की मांग की जाएगी। गिर्राज सिंह, संजय कुमार, महेंद्र, रजनी सिंह, मिनाक्षी, पूनम रानी, सुरेश बाला, कमलेश, धर्मेन्द्र, योगिन्द्र, कैलाश सहित अनेकों कला अध्यापक मौजूद थे। गौरतलब है कि प्रदेश में 2010 में भर्ती हुए 816 कला आध्यापकों की नियुक्ति को हाईकोर्ट द्वारा निरस्त किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में स्टे याचिका खारिज कर इन्हें निकालने के आदेश दिए गए थे। विधायक नयनपाल रावत के आश्वासन के बाद ड्राईंग अध्यापकों में नौकरी मिलने की उम्मीद बंधी है।

