हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं जिला परिषद, ब्लाॅक समिति व ग्राम पंचायतों के चुनाव इस बार भी समय पर नहीं हो सकेंगे। गौरतलब है कि, इस बार 200 के करीब नई पंचायतों का गठन हुआ है। जिनका वार्डबंदी का काम अधूरा लटका होने की वजह से भी चुनावों में देरी हो रही है। इसके अलावा, दिल्ली बाॅर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन को भी देरी का बड़ा कारण माना जा रहा है। बता दें कि मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी तक के लिए है। इसे देखते हुए विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी पंचायतों को 16 फरवरी तक अपना पूरा रिकार्ड जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पंचायत प्रतिनिधियों को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करने के भी निर्देश दिए हैं। कार्यकाल पूरा होते ही सभी पंचायतें प्रशासकों के हवाले हो जाएंगी। प्रदेश में 22 जिला परिषद, 6205 ग्राम पंचायत और 142 ब्लाॅक समितियां हैं।

राज्य सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस बार पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर नहीं हो पाएंगे। इसी वजह से प्रशासनिक अधिकारी तैनात होंगे। पांच साल पहले भी जब ये चुनाव हुए थे तो 6 महीने से भी अधिक देरी हुई थी। उस समय खट्टर सरकार ने पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय की थी। इस फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के फैसले को उचित ठहराया और दूसरे राज्यों को भी ऐसे कदम उठाने के सुझाव दिए। इस बार सरकार ने ग्राम पंचायतों में सरपंचों के पचास प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने का फैसला लिया है।
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण के लिए सरकार ने कानून में संशोधन किया है। इस फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है। पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी जिला परिषद के सीईओ को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि वे पंचायती राज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद) का रिकार्ड दो दिन के भीतर पूरा करवाएं। सरकार ने कहा है कि आम चुनाव से पहले पंचायती राज संस्थाओं की चल-अचल संपत्ति तथा रिकार्ड आदि का पूर्ण चार्ज लिया जाएगा। चार्ज लेने से पहले रिकार्ड में आवश्यक कार्रवाई पूरा करना अनिवार्य है। जिससे अनावश्यक शिकायतों के कारण मुकदमेबाजी का सामना न करना पड़े। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे डीडीपीओ, बीडीपीओ तथा उपमंडल अधिकारी पंचायती राज के माध्यम से सभी योजनाओं के तहत पंचायतों द्वारा अपने कार्यकाल में करवाए गए विकास कार्यों की लंबित एमबी (माप पुस्तिका), कैश बुक, लैजर, स्टॉक रजिस्टर, कार्यवाही पुस्तक आदि को पूरा करके 16 फरवरी तक संबंधित बीडीपीओ अथवा डीडीपीओ के समक्ष जमा करवाया जाएगा।

