नई दिल्ली : दिल्ली से सटे जेवर इलाके में बनाए जा रहे देश के सबसे बड़े नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास अगर आप भी अपना आशियाना बनाना चाहते हैं तो आपके पास बेहतरीन मौका है। दरअसल, लोगों के घर के सपनों को पूरा करने के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण शनिवार को औद्योगिक के साथ-साथ आवासीय भूखंडों की योजना भी लॉन्च करेगा।
औद्योगिक के 20 फीसद भूखंड स्टार्टअप के लिए आरक्षित
औद्योगिक योजना की सभी श्रेणी में बीस फीसद भूखंड स्टार्टअप के लिए आरक्षित होंगे, लेकिन इसमें आवेदन के लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) में नामांकन की अनिवार्यता होगी। औद्योगिक भूखंड योजना में चार हजार वर्गमीटर से छोटे भूखंड होने के कारण इनका आवंटन ड्रा के जरिये किया जाएगा।
600 प्लॉट होंगे आवासीय में
यमुना प्राधिकरण की आवासीय भूखंडों की योजना में 60 वर्ग मीटर, 90, 120, 200, 300, 500, 1000, 2000 और 4000 वर्ग मीटर के भूखंड शामिल हैं। 20 फरवरी को लॉन्च होने वाली इस औद्योगिक और आवासीय योजना में इच्छुक लोग ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किए जा सकेंगे।
भूखंड योजना के प्लॉट साइज
- 300 वर्ग मीटर
- 450 वर्ग मीटर
- 1000 वर्ग मीटर
- 1800 वर्ग मीटर
- 1952 वर्ग मीटर
- 3000 वर्ग मीटर400 वर्गमीटर से लेकर 3,000 वर्गमीटर तक के होंगे औद्योगिक भूखंड
औद्योगिक भूखंड योजना सेक्टर 32 व 33 के लिए निकाली जाएगी। इसमें विभिन्न उद्योगों के लिए भूखंड आवंटित होंगे। इसमें 296 भूखंड सामान्य व एमएसएमई के लिए होंगे। इसके अलावा खिलौना उद्योग के लिए 24, हस्तशिल्प, अपैरल व फर्नीचर उद्योग के लिए 47 भूखंड होंगे। यह भूखंड साढ़े चार सौ वर्गमीटर से लेकर तीन हजार वर्गमीटर तक के होंगे।
2019-20 का जीएसटी रिटर्न होगा अनिवार्यवहीं, प्राधिकरण ने एक बार फिर से स्टार्टअप को मौका देते हुए योजना में उनके लिए भूखंड आरक्षित करने का फैसला किया है। औद्योगिक भूखंड योजना में आवेदन के लिए 2019-20 का जीएसटी रिटर्न होना अनिवार्य होगा। सभी श्रेणी में स्टार्टअप के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। स्टार्टअप में आवेदन करने के लिए डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह से मुताबिक, सेक्टर-32-33 में जनरल के साथ एमएसएमई के लिए भी 296 भूखंड हैं। ट्वाय सिटी में 24, हैंडीक्राफ्ट व फर्नीचर यूनिट के लिए 47 भूखंड हैं। उनका कहना है कि भूखंडों की संख्या लॉन्चिंग के दौरान कम-अधिक हो सकती है।
