हरियाणा में रविवार को सुबह से ही मौसम साफ रहा। इसका असर यह हुआ कि जल्द ही तेज धूप निकल आई। इस कारण से दिन के समय गर्मी का अहसास होने लगा। हरियाणा के हिसार जिले की बता करें तो यहां रविवार सुबह 8.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सुबह के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार सुबह धुंध के कारण 30 मीटर दृश्यता रही। हालांकि पिछले दिनों से कुछ परिवर्तन जरूर देखने को मिला है। धुंध बनने का प्रमुख कारण पहाड़ों की तरफ से आने वाली उत्तर पश्चिमी हवा हैं।
आगामी दिनों में धुंध फिर से देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग अनुसार उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से रात्रि तापमन में हल्की गिरावट भी हो सकती है। 22 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण आंशिक बादलवाई, बीच-बीच में हवा चलने तथा दिन के तापमान में हल्की कमी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जानकारी दी है कि अगले दो दिनों तक आंध्र प्रदेश, यनम, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में हल्की से लेकर तेज बारिश हो सकती है। देश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों भी ठंड का कहर जारी है। हालांकि अब दिन के समय तापमान में तेजी देखने को भी मिल रही है। वहीं पहाड़ी इलाकों में इन दिनों बर्फबारी रुक रुककर हो रही है।
वहीं तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ अंदरूनी इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश, यनम, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में 22 फरवरी को गरज के साथ बारिश होने का भी पूर्वानुमान है। वहीं 22 फरवरी की सुबह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्के से लेकर घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है। आईएमडी ने कहा है कि 22 फरवरी के बाद से इस कोहरे में कमी आने लगेगी। मौसम विभाग के अनुसार 22 फरवरी को पश्चिमी-विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते बादल छा सकते हैं और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके कारण सुबह और रात के तापमान में हल्की गिरावट की संभावना है। किसानों को सलाह देते हुए कृषि विभाग ने कहा है कि मौसम खुश्क रहने और दिन के तापमान बढ़ने की संभावना को देखते हुए फसलों, सब्जियों व फलदार पौधों में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें। अनुकूल मौसम बने रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए गेहूं, चने व सरसों की फसलों व सब्जियों में कीटों व रोगों की निगरानी करते रहें। गेहूं की फसल में पत्तों के ऊपरी हिस्से पीले और कुछ जले हुए दिखाई देने लगे तो यह पोटेशियम की कमी के लक्षण हो सकते हैं। इस के लिए एक से डेढ़ किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटास को 100-125 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ गेहूं की फसल में स्प्रे करें।
