भिवानी : इतिहास में दो मार्च 1949 का दिन सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि के रूप में दर्ज है। आज उनकी पुण्यतिथि है। राजनीतिक कार्यकर्ता, महिला अधिकारों की समर्थक, स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू को उनकी प्रभावी वाणी और ओजपूर्ण लेखनी के कारण ‘‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया कहा जाता था। सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि पर भाजपाइयों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि ! श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कहा कि आज भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि है।
देश को आज़ादी दिलाने के लिए कई स्त्रियों ने कड़ा संघर्ष किया, उनमें सरोजिनी नायडू का अपना अलग ही स्थान है। वे एक विदुषी और बहुआयामी व्यक्तित्व वाली स्वतंत्रता सेनानी थीं। उनकी आवाज इतनी मधुर थी कि पूरी दुनिया में उन्हें भारत कोकिला के नाम से जाना जाने लगा।सरोजिनी नायडू ने जहां स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है, वहीं उन्होंने महिलाओं को आजादी के आंदोलन से जोड़ने और नारी मुक्ति में अहम भूमिका निभाई। 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता संग्राम में मिली आजादी के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया। नायडू स्वतंत्र भारत की पहली महिला राज्यपाल थीं।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के लिए गांव-गांव घूमकर देश-प्रेम की अलख जगाने वाली स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री सरोजिनी नायडू जी की पुण्यतिथि पर चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि। सरोजिनी नायडू देश की बेटियों के लिए प्रेरणा का ऐसा पुण्य प्रकाश पुंज हैं, जिसकी ज्योत कभी क्षीण न होगी। चरणों में कोटिश: नमन !इस अवसर पर सुनील चौहान ,मनीषहालुवासिया,इमरान बापोड़ा, जितेंद्र ,डोडा,सिकंदर ,गोलू, पृथ्वी, मोंटी, काली ,अजयखबरी,निशांत,बालमुकुन्दमोनू,मनीष,श्यामपाल,अमित, रंगा,सलीम,प्रमोद,हसन,प्रकाश,बागड़ी,निशांत,रॉकी, डॉ. योगेश , मुकेश कुमार, रमेश चौधरी, पंकज शर्मा, नवीन वशिष्ठ , नवीन कुमार , पंकज कुमार ने भी सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
