
रोहतक : दुष्कर्म व पत्रकार की हत्या केस में सजा काट रहा डेरामुखी गुरमीत राम रहीम एक बार फिर से जेल से बाहर आया है। तबीयत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया गया है। बीते दो महीने में राम रहीम पांचवी बार जेल से बाहर आया है। इससे पहले छह जून को सुनारिया जेल से स्वास्थ्य जांच के लिए राम रहीम को गुरुग्राम के मेंदाता में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में राम रहीम का कोरोना सैंपल लिया गया। जिसकी रिपोर्ट पाजिटिव बताई गई तो इसके 24 घंटे बाद ही रिपोर्ट को नेगेटिव बताया गया। तबीयत बिगड़ने पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुनारिया जेल से आज फिर दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पेट में तकलीफ के चलते उनकी जांच करवाई जा रही है।
इससे पहले छह जून के पास मेदांता में उपचाराधीन राम रहीम से मिलने के लिए मुंह बोली बेटी हनीप्रीत व अन्य स्वजन भी पहुंचे थे। उनकी देखभाल के लिए चार लोगों को स्वीकृति भी मिली थी, जिसमें एक नाम हनीप्रीत का भी था मगर उनकी सेहत सुधरने पर जल्द ही उसे सुनारिया जेल में वापस भेज दिया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहती है। बता दें कि राम रहीम की पिछले कुछ सप्ताह से तबीयत सही नहीं चल रही। गत दो महीने में यह पांचवी बार है जब स्वास्थ्य कारणों से राम रहीम को जेल से बाहर लाया गया है। तीन जून को पेट में दर्द की शिकायत होने पर पीजीआइएएमस के गैस्ट्रोलाजी विभाग में राम रहीम को लाया गया था। यहां कुछ टेस्ट कराए गए। करीब दो घंटे अस्पताल में बताने के बाद वापस जेल भेज दिया गया। फिर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इस बाद दिडेरामुखी के स्वास्थ्य को लेकर कोई भी स्थानीय पुलिस अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
दो महीने में पांचवीं बार जेल से बाहर आया गुरमीत
गुरमीत बीते दो महीने में पांचवीं बार जेल से बाहर आ चुका। दो जून को पेट दर्द की शिकायत पर पीजीआइएमएस लाया गया। 12 मई को ब्लड प्रेशर असामान्य हो जाने व बैचेनी की शिकायत पर पर पीजीआइएमएस में लाया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही गुरमीत को इमरजेंसी पैरोल पर गुरुग्राम जाने की इजाजत मिली थी। जहां पर वह अपनी मां से मिलने के बाद देर शाम को जेल वापस लौट आया था। तीन जून को अलसुबह पेट दर्द की शिकायत के चलते गुरमीत को पीजीआइएमएस लाया गया था। अब फिर से अस्पताल भेजा गया है।
डेरामुखी की सुरक्षा कड़ी चुनौती
रोहतक पुलिस के लिए डेरामुखी की सुरक्षा कड़ी चुनौती बनी हुई है। मई माह में जब डेरामुखी को पीजीआइजाया गया था तो 150 पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद 24 घंटे से पहले ही रोहतक पुलिस ने डेरामुखी को सुरक्षा प्रदान में खुद को असहाय बताया था। इसके बाद डेरामुखी को सुनारिया जेल वापस भेज दिया गया था। वहीं इसके एक सप्ताह में ही उन्हें मेदांता ले जाया गया था। उनकी सुरक्षा में हर बार कम से 30 से 40 जवानों की टीम शामिल रहती है। ऐसे में रोहतक पुलिस को अतिरिक्त पुलिस जवानों की जरूरत रहती है।
