
faridabad: पतंजलि के मुखिया बाबा रामदेव जी द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भरे मंच से महिलाओं के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी ” महिलाएं तो बिना कपड़ों के भी अच्छी लगती हैं” पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय महिला जागृति मंच की संस्थापक अध्यक्ष अम्बिका शर्मा ने कहा कि महिलाओं के बारे में इस प्रकार से टिप्पणी करना महिलाओं के सम्मान पर करारा प्रहार है। अम्बिका शर्मा ने कहा कि ऐसा बयान करने वाले बाबा रामदेव के खिलाफ पुलिस को आपराधिक प्रकरण कायम कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। क्योकि उनके द्वारा दिया गया इस तरह का घिनौना बयान उनकी गन्दी मानसिकता को दर्शाता है। राष्ट्रीय महिला जागृति मंच अफसोस व्यक्त करता है कि महिलाओं को शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद भी वह मंच और उसके सामने मौजूद सियासतदानों, गणमान्य नागरिकों और महिलाओं ने विरोध दर्ज नहीं कराया। इतना ही नहीं वह यह भी भूल गए कि एक महिला ने ही उन्हें जन्म दिया है।
सोचने वाली बात यह है कि हमारे देश में जब-जब बड़े लोगों, व्यापारियों और राजनेताओं के सुर बिगड़े हैं, तब-तब महिलाओं के चरित्र का चीरहरण किया गया है। महिलाओं के दामन पर उंगली उठाना तो जैसे अब राजधर्म बन गया है। वैसे भी औरत के अस्तित्व को हमारा समाज स्वीकार ही कहां करता है? समाज औरत के त्याग को उसका फर्ज मान लेता है और औरत उसे अपना कर्म मान कर चुपचाप सहन करती चली जाती है। जब तक समाज का महिलाओं के प्रति यह रवैया नहीं बदलता, तब तक महिलाओं की स्थिति नहीं सुधर सकती। ऐसे में अब महिलाओं को एकजुटता दिखानी होगी।
