
नूंह। बृजमंडल यात्रा की वजह से सोमवार को नूंह में कारोबार चौपट हो गया। यात्रा की वजह से बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। बाजार में अघोषित कर्फ्यू नजर आ रहा था। बीते माह हुई हिंसा से सबक लेते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोलने के बजाय इन्हें बंद करना बेहतर समझा। बाजार बंद होने से दुकानदारों को करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा के दौरान जमकर हिंसा हुई थी। इस हिंसा में उपद्रवियों ने बाजार को भी निशाना बनाया था। पिछले कई दिनों से विश्व हिंदू परिषद की ओर से फिर से धार्मिक यात्रा को पूरा करने का आह्वान किया जा रहा था। इसके मद्देनजर तीन दिन पहले ही प्रशासन ने नूंह में धारा-144 लागू कर दी थी। इससे बाजार में कारोबारी माहौल खराब होने लगा था। काफी कम संख्या में लोग बाजार में खरीदारी के लिए निकल रहे थे। कुछ ऐसे लोग थे, जिन्होंने शनिवार और रविवार को ही अपनी जरूरत का सामान खरीद लिया था। उन्हें सोमवार को पहले से ही बाजार बंद होने की आशंका लग रही थी। सोमवार सुबह लोग उठे तो उनकी आशंका सही साबित हुई। नूंह का बाजार पूरी तरह बंद नजर आया। सद्दीक नगर, झंडा नगर और अड़वर चौक के पास दुकानें बंद थीं। दुकानदार अपनी दुकानें खोलने के लिए बाजार ही नहीं पहुंचे। इससे बाजार में एक बार फिर अघोषित कर्फ्यू नजर आने लगा। बाजार की सभी दुकान और शोरूम बंद थे। बाजार में सिर्फ पुलिसकर्मी ही नजर आ रहे थे।
तीन दिन से कारोबारी गतिविधियों में आ रही थी कमी
प्रशासन ने तीन दिन पहले ही नूंह में इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी। इंटरनेट सेवा बंद होने से कारोबारी गतिविधियां कम होने लगी थीं। इसका असर यह रहा कि सोमवार को बाजार में पूरी तरह ही कारोबार ठप हो गया।
दुकानदार बोले
31 जुलाई के बाद से बाजार में कारोबारी माहौल खराब हो गया है। पहले तो कई दिन तक बाजार खुला ही नहीं। उस दौरान करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया था। दो-तीन दिन से फिर से कारोबारी माहौल खराब है। पिछले दिनों हुई हिंसा से डरकर ही दुकानदारों ने दुकान बंद रखना ही उचित समझा।
-शाबिर, दुकानदार, नूंह बाजार
जब से हिंसा हुई है तब से लेकर अब तक कारोबारी माहौल पूरी तरह पटरी पर नहीं आ पाया है। अब उम्मीद है कि हालात बेहतर होंगे। रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर खरीदारी का माहौल है। उम्मीद है कि अब माहौल पूरी तरह ठीक हो जाएगा। त्योहार पर जमकर खरीदारी होगी।
-रमेश, दुकानदार, नूंह बाजार
बैंक, स्कूल बंद रहे
बृजमंडल धार्मिक यात्रा के कारण सोमवार को बैंक बंद थे। बैंक शाखाओं की तरह विद्यालय और महाविद्यालय भी बंद रहे। रविवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण बैंक पहले से बंद थे। इंटरनेट बंद होने के कारण लोग ऑनलाइन लेन-देन भी नहीं कर पा रहे हैं। लोगों को उम्मीद थी कि सोमवार को बैंक जाकर नकदी जमा-निकासी कर सकेंगे। लेकिन बैंक बंद होने के कारण लोग अपने जरूरी कार्यों का निपटारा भी नहीं कर पाए। इसी तरह शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित रही।
NEWS SOURCE : livehindustan
