
नूंह: नूंह हिंसा से पहले और बाद में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने पर मोनू मानेसर और बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस फिरोजपुर झिरका के विधायक मामन खान से पूछताछ करने की तैयारी में है। पुलिस विधायक को पूछताछ के लिए कई बार नोटिस दे चुकी है, लेकिन विधायक अभी तक पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए हैं। अब पुलिस नए सिरे से विधायक से पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई है। यदि विधायक अब भी पेश नहीं होते हैं तो पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है।
गृहमंत्री अनिल विज नूंह हिंसा मामले में कांग्रेस की भूमिका की ओर इशारा कर चुके हैं। नूंह हिंसा के लिए गठित एसआईटी(स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) फिरोजपुर झिरका सीट से कांग्रेस विधायक इंजीनियर मामन खान से पूछताछ करने के लिए प्रयास कर चुकी है। लेकिन विधायक अभी तक एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए हैं। पहले बिट्टू बजरंगी और अब मोनू मानेसर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का पूरा ध्यान विधायक से पूछताछ करने की ओर चला गया है। नूंह हिंसा के बाद विधायक मामन खान चर्चा का विषय बन गए थे। हिंसा के बाद उनका एक पुराना वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वीडियो के बाद विधायक को लेकर लोग सोशल मीडिया पर भी चर्चा करने लगे थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि नूंह हिंसा 31 जुलाई को हुई थी। इस वजह से पुलिस विधायक की 28, 29 और 30 जुलाई की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। जिस समय नूंह में हिंसा हो रही थी, उस वक्त विधायक कहां थे? उस दौरान उनकी किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों में से किसी आरोपी से उनका संपर्क है या नहीं।
316 आरोपी हो चुके हैं अब तक गिरफ्तार
नूंह हिंसा मामले में अब तक 60 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 49 मामले उपद्रव से जुडे़ हैं तो 11 मामले सोशल मीडिया से संबंधित हैं। इस मामले में पुलिस अब तक 316 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
फिरोजपुर झिरका विधायक को पहले भी नोटिस भेजा गया था, लेकिन वे पुलिस जांच में शामिल नहीं हुए। पूछताछ किससे करते? अब फिर से उनसे पूछताछ का प्रयास किया जाएगा। विधायक को फिर से नोटिस भेजा जाएगा, जो भी कानून के तहत उचित होगा, वह किया जाएगा
सतीश कुमार, डीएसपी, फिरोजपुर झिरका
ऐसे हुआ था नासिर-जुनैद हत्याकांड:
14 फरवरी को अपने भाई की ससुराल भोरूबास सिकरी गांव गए थे। रात में रुककर 15 फरवरी को दोनों अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में उनको बजरंग दल के सदस्यों ने रोक लिया था। घटना वक्त जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने आरोप लगाया था कि दोनों को पहले गाड़ी से बाहर खींचकर निकालने का प्रयास किया गया था। लेकिन वे भागने में कामयाब हो गए थे। इसके बाद पीछा कर उनकी गाड़ी को टक्कर मारी गई। उनके साथ जमकर मारपीट की गई थी। हमलावर उन्हें मारपीट कर फिरोजपुर झिरका पुलिस के पास ले गए थे। लेकिन हालत खराब होने के कारण पुलिस ने दोनों को अपनी हिरासत में लेने से मना कर दिया था। उन्होंने बताया था कि इसके बाद दोनों को भिवानी ले जाकर गाड़ी समेत आग लगा दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद भरतपुर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जिसमें मोनू मानेसर को भी आरोपी बनाया गया। इस मामले में अभी कई आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
घटना से पल्ला झाड़ चुका है मोनू मानेसर
नासिर-जुनैद मामले के सुर्खियों में आने के बाद मोनू मानेसर ने इस घटना से पल्ला झाड़ लिया था। उसने अपने दावा किया था कि वह घटना के वक्त गुरुग्राम में था। वह उस वक्त न तो नूंह में था न ही भिवानी में। मोनू मानेसर ने बजरंग दल के सदस्यों की भूमिका होने से भी इंकार किया था। नूंह हिंसा से भी मोनू मानेसर खुद को अलग कर चुका है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कहा कि उन्होंने शोभायात्रा में शामिल होने की अपील की थी, जिसमें कुछ गलत नही था और वह यात्रा में भी शामिल नही हुआ था। बहरहाल, जिस मामले में मोनू मानेसर को गिरफ्तार किया गया है, वह उन्होंने 26 अगस्त को सोशल।मीडिया पर एक भड़काऊ पोस्ट डाली थी। पुलिस जांच में पाया है कि मोनू मानेसर ने सोशल मीडिया पर कई आईडी बना रखी थी।
NEWS SOURCE : livehindustan
