
Lok Sabha Election 2024 भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 16 राज्यों व दो केंद्रशासित प्रदेशों के 195 लोकसभा उम्मीदवारों की सूची में जिस तरह मौजूदा सांसदों को दोबारा टिकट दिए हैं, उससे लग रहा है कि हरियाणा में भी ज्यादा मौजूदा सांसदों के टिकट पर कैंची नहीं चलेगी। भाजपा की आंतरिक रिपोर्ट कुछ सांसदों के टिकट कटने का कारण बन सकती है।
भाजपा के 195 उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से कम से कम छह सांसदों के टिकट कट सकते हैं, लेकिन उम्मीदवार घोषित करने के भाजपा के ट्रेंड को देखते हुए लग रहा है कि दो से चार सांसदों के टिकट पर ही संकट बना हुआ है। बाकी सांसदों को भाजपा दोबारा चुनाव मैदान में उतार सकती है। लेकिन उनका पार्टी की सर्वे रिपोर्ट में पास होना जरूरी है।
अंबाला में बीजेपी उतारेगी नया प्रत्याशी
प्रदेश में लोकसभा की 10 सीटें हैं और सभी पर भाजपा का कब्जा है। अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया का करीब सात माह पहले निधन हो चुका है। यह सीट खाली है। लोकसभा चुनाव नजदीक होने की वजह से केंद्रीय चुनाव आयोग ने अंबाला सीट पर उपचुनाव कराना उचित नहीं समझा था। ऐसे में यहां नया उम्मीदवार घोषित किया जाना तय है। भाजपा के दिवंगत सांसद रतनलाल कटारिया की धर्मपत्नी बंतो कटारिया अंबाला से लोकसभा टिकट की प्रबल दावेदार हैं। भाजपा की प्रदेश कमेटी में उनके पास उपाध्यक्ष पद का दायित्व है।
कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष नायब सिंह सैनी सांसद हैं। भाजपा के पैनल में नायब सिंह सैनी का सिंगल नाम केंद्रीय चुनाव समिति के पास गया है। ऐसे में नायब सिंह सैनी का टिकट भी कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से तय माना जा रहा है। करनाल के मौजूदा सांसद संजय भाटिया मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बेहद भरोसेमंद साथी हैं।
राजनीतिक गलियारों में उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं चली थी, लेकिन अब लग रहा है कि संजय भाटिया का टिकट काटने का फैसला पार्टी शायद टाल दे। हालांकि, यहां मुख्यमंत्री के ही भरोसेमंद प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी वेदपाल एडवोकेट भी टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल हैं।
सोनीपत में तीन लोगों पर चल रही चर्चाएं
सोनीपत के मौजूदा सांसद रमेश कौशिक के भी पिछले दिनों विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं थी। उनके टिकट पर तलवार लटकी नजर आ रही है। रमेश कौशिक के साथ सोनीपत में प्रदेश महामंत्री एवं राई के विधायक मोहन लाल बडौली तथा सीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन के नाम मजबूती के साथ चल रहे हैं।
धर्मबीर सिंह की टिकट पर कम मजबूती
भिवानी-महेंद्रगढ़ से मौजूदा सांसद धर्मबीर सिंह का टिकट कटने की चर्चाएं काफी चली थी, लेकिन अब केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव चूंकि राजस्थान के अलवर में चले गए हैं तो धर्मबीर सिंह का टिकट थोड़ा सेफ जोन में आ गया है। पूर्व सांसद डा. सुधा यादव भी भिवानी-महेंद्रगढ़ से टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। ऐसे में धर्मबीर सिंह का खतरा पूरी तरह से टल गया है, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी।
गुरुग्राम में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत का टिकट फाइनल है। गुरुग्राम से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व पूर्व सांसद सुधा यादव के नाम चर्चा में थे। भूपेंद्र यादव राजस्थान चले गए हैं, जबकि सुधा को गुरुग्राम की बजाय भिवानी भेजा जा सकता है। ऐसे में राव इंद्रजीत का टिकट कटने पूरी तरह सेफ है।
फरीदाबाद व सिरसा लोकसभा सीटें बनीं चर्चित
फरीदाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की मजबूत पकड़ है। उनकी गिनती लोकप्रिय नेताओं में होती है। भाजपा उनका टिकट बरकरार रख सकती है, लेकिन आंतरिक सर्वे रिपोर्ट में यदि कोई सवाल उठा तो कृष्णपाल के स्थान पर राज्य के पूर्व उद्योग मंत्री विपुल गोयल यहां प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। सिरसा लोकसभा सीट पर मौजूदा सांसद सुनीता दुग्गल की सीट पर अभी खतरा है, क्योंकि यहां पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर को पार्टी चुनाव मैदान में उतार सकती है। सुनीता दुग्गल की हाईकमान में मजबूत पकड़ है, लेकिन उनका टिकट पर भाजपा के आंतरिक सर्वे की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
हिसार और रोहतक लोकसभा सीटों पर बारीक निगाह
हिसार लोकसभा सीट के लिए मौजूदा सांसद बृजेंद्र सिंह के टिकट पर खतरा मानकर चला जा रहा था। इसकी वजह उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह हैं, जिनके अलग-अलग बयानों ने ऐसी स्थिति पैदा की। बृजेंद्र सिंह के विरोध में जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला भी हैं। ऐसे में पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई की लाटरी लग जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। रोहतक लोकसभा सीट पर मौजूदा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा की टिकट तय मानकर चली जा रही है। हालांकि यहां पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ भी मजबूत स्थिति में हैं। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों पर छह या सात मार्च को फैसला लिया जा सकता है।
NEWS SOURCE : jagran
