
Tips to make your child sharp and intelligent: हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे होशियार, तेज और मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग बनें. वे जो भी करना चाहें उसमें अव्वल आएं. पेरेंट्स बच्चों को मेंटली शार्प बनाने के लिए कई तरह के तरीके आजमाते हैं. उन्हें हेल्दी डाइट देते हैं. अच्छी परवरिश देते हैं. हालांकि, इस तेज स्पीड से भागती दुनिया में आप चाहते हैं कि आपका बच्चा दूसरों से आगे निकल जाए तो कुछ बातों, स्किल्स को उनके अंदर डेवलप करना होगा. चलिए जानते हैं 6 ऐसे टिप्स जो आपके बच्चे को बना सकते हैं मेंटली शार्प और इंटेलिजेंट.
बच्चे को तेज और बुद्धिमान बनाने के टिप्स
1. आप चाहते हैं कि आपका बच्चा मेंटली तेज और होशियार बने तो उन्हें खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करें. उन्हें अपनी भावनाओं को पहचानकर एक्सप्रेस करने में मदद करें. बच्चों को उनकी भावनाओं को कंट्रोल करना सिखाएं. स्ट्रेस मैनेज करने के लिए डीप ब्रीदिंग और माइंडफुलनेस के बारे में सिखाएं.
2. अपने बच्चों को समस्याओं से भागना नहीं बल्कि उन्हें सॉल्व करने के बारे में प्रोत्साहित करें. इससे वे अपनी राह में आने वाली बाधाओं से पार पा सकेंगे. आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा दें ताकि वे हिम्मत के साथ बाधाओं को दूर कर सकें. कहने का मतलब है कि बच्चों में प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स आप विकसित करेंगे तो वे तेज बनेंगे.
3. अपने बच्चों को अपनी नकारात्मक सोच को बदलने के लिए आवश्यक संसाधन दें. बाधाओं और अवधारणाओं को पहचानकर समझदारी और पॉजिटिव सोच को बढ़ावा दें. बच्चों में जब आप आशावादी सोच विकसित करेंगे तो वे जीवन में आने वाले हर उतार-चढ़ाव को बखूबी हैंडल कर लेगा.
4. बच्चों को मेंटली शार्प और होशियार बनाने के लिए उनके साथ कुछ फैमिली एक्टिविटीज करें. बोर्ड गेम खेलें या फिर उनके साथ आउटडोर जाएं. इससे बाहरी दुनिया की समझ बढ़ेगी.
5. शरीर और दिमाग के बीच सही तरीके से तालमेल बिठाने के लिए बेहद जरूरी है कि बच्चे फिजिकल एक्सरसाइज करने पर जार डालें. इससे उनका बेहतर मेंटल और फिजिकल ग्रोथ होगा. मेंटल स्ट्रेंथ को बूस्ट करने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है. इससे कॉग्निटिव फंक्शन, इमोशनल रेगुलेशन, फिजिकल हेल्थ आदि में सुधार होता है. जो बच्चे फिजिकल फिटनेस को प्रॉइयॉरिटी देते हैं, वे लचीलापन और मानसिक स्पष्टता प्राप्त करते हैं, जो आवश्यक भी है.
6. बच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए उन्हें हमेशा कॉम्पटीशन में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें. उन प्रतिस्पर्धा में भाग लने के लिए कहें जो उन्हें नई ऊचाइयों को छूने के लिए प्रोत्साहित करे. प्रतिस्पर्धा को स्वीकार करने से बच्चों के अंदर विश्वास डेवलप होता है.
7. बच्चों को भरपूर मौका दीजिए कि वो कोई भी काम स्वतंत्र रूप से कर सकें. इससे वे जो भी गलती करेंगे, उससे सीखेंगे और अपने अंदर जिम्मेदारी की भावना विकसित करेंगे.
8. यदि बच्चे भरपूर नींद नहीं लेंगे, हेल्दी डाइट का सेवन नहीं करेंगे तो सही से उनका फिजिकली और मेंटली विकास नहीं हो पाएगा. ऐसे में उनके अंदर हेल्दी खानपान, भरपूर नींद लेने, रेगुलर एक्सरसाइज करने की आदत को विकसित करना पेरेंट्स का काम है. इससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सही रहेगा.
NEWS SOURCE : news18
