
कोरोना महामारी के बाद अब देश में नई बीमारी ने पैर पसार लिए हैं। जानकारी के अनुसार 30-40 प्रतिशत युवाओं में इसके लक्षण नजर आ रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि कोविड के दौरान इलाज के लिए ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड लेने वाले लोगों में कूल्हे की हड्डी खराब होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई है, क्योंकि ये सिर्फ बुजुर्गों में ही नहीं बल्कि 35-40 साल के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली में आयोजित ‘दिल्ली HIP 360 सम्मेलन’ के दूसरे संस्करण में देशभर के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने इस बढ़ती समस्या पर चिंता जताई। इस सम्मेलन का आयोजन दिल्ली ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन और इंडियन आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन की ओर से किया गया था। विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद कूल्हे से जुड़ी बीमारियों और सर्जरी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। मैक्स अस्पताल के डॉ. एल तोमर के अनुसार, उनके अस्पताल में युवा मरीजों के कूल्हे के ऑपरेशन करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
जानें डॉक्टर की राय
डॉक्टरों के अनुसार यह बीमारी शुरूआत में कम दर्द देती है। ज्यादातार लोग इसी बात को नजरअंदाज करके बाद में परेशान होते है, जब तक लोग डॉक्टर के पास जाते है, तब तक ह़ड्डी को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है। पुष्पांजलि मेडिकल सेंटर के डॉक्टर का कहना है कि अगर शुरुआती चरण में MRI जांच कर ली जाए, तो हड्डी को बचाने की संभावना रहती है। लेकिन बीमारी बढ़ने पर मरीज को ऑपरेशन या हिप रिप्लेसमेंट कराना पड़ सकता है।
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