फरीदाबाद : अखिल भारतीय संत एकता आंदोलन परिषद एवं गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान कपूरथला पंजाब के परमाध्यक्ष गुरु गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने ब्यान जारी कर देश के सभी संतो से अनुरोध किया है कि धर्मांधता कट्टरवाद अलगाववाद क्षेत्रवाद जातिवाद के संकीर्ण विचारधारा के खिलाफ संघर्ष के लिए संकल्प लें तभी जाकर मानवतावाद की रक्षा हो सकेगी संतो का परम कर्तव्य है कि मानवता की रक्षा करना शांति सद्भाव अहिंसा में समाज का निर्माण करना ।
अपने विरोधियों के साथ भी सुने सम्मान पूर्ण श्रद्धा में सदा व्यवहार करना ना की हिंसा नफरत राग द्वेष जातिवाद का वातावरण तैयार करना साधु वेश में रहकर कोई राग द्वेष हिंसा नफरत जातिवाद कट्टरवाद की बात करता है तो निश्चित रूप से वह संत ना होकर संत वेश में संतों की गरिमा को कलंकित करने का कार्य करता है ऐसे तत्वों से संगठनों से संत समाज को सदैव सावधान रहना होगा महंत ने ईद के अवसर पर संतों की online conference मैं कहा कि संतो के साथ सरकार के सोतेला व्यवहार उचित नहीं है।
सरकार और उनके लोग साधु-संतों को चरण पादुका के रूप में इस्तेमाल करते हैं जब जरूरत हुई पहन लिया और उनका उपयोग प्रयोग कर फेंक दिया संतो के साथ सरकार का रवैया ठीक नहीं है भेदभाव पूर्ण एवं अमर्यादित है संपूर्ण देश में संतों के साथ भेदभाव रवैया अपनाया जा रहा है इनके मठ मंदिरों आश्रमों संस्थानों पर सरकार के सहयोग संकेत पर असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा कराया जा रहा है साधु संतों के सुनियोजित प्रायोजित योजना के अंतर्गत बदनाम कर उनके मठ मंदिरों पर अवैध कब्जा कराया जा रहा है संत समाज इस प्रकार के वातावरण से चिंतित एवं दुखी है आज मेरी बारी कल तेरी बारी वाली बातें हो रही हैं राजनीतिक दलों एवं सरकार में संलिप्त संगठनों ने अपने स्वार्थ के लिए साधु-संतों में भी फूट डालो राज करो की नीति अपनाकर साधु-संतों को ढाल बनाकर अपना स्वार्थ सिद्ध करने का माहौल तैयार कर लिया है इस वार्तालाप में संतों की हत्याओं के संदर्भ में भी चर्चा हुई चिंता का विषय यह है कि संतो के हत्याकांड की राजनीति करण ना किया जाए संतो के साथ सरकार एवं सरकार में संलिप्त संगठनों द्वारा किए जा रहे भेदभाव पूर्ण रवैया बंद हो।
संत समाज स्वतंत्र स्वतंत्र रूप से संगठित होने किसी उन्मादी स्वार्थी राजनीतिक दल संगठन के साथ ना जुड़े आदि विषयों पर चर्चा हुई संत समाज को आगाह करते हुए महंत कैलाशनाथ हठयोगी ने कहा कि अतीत की घटनाक्रमों का ध्यान करते हुए संत समाज संयम सावधानी चिंतन करके साथ चलें आवेश में आकर बहकावे में आकर कोई ऐसा निर्णय न ले जिससे पश्चाताप हो संतो में भी अमीर और गरीब संत हैं जो अपनी साधना के अलावा किसी अन्य बातों की तरफ ध्यान नहीं देते ऐसे भोले संतो को ठगने का काम राजनैतिक दल राजनेता गण एवं राजनीति संरक्षण संस्थान करते हैं जो कि धार्मिक उन्माद पैदा करने में मारती होते हैं
जिससे संत समाज को सदैव सावधान रहना होगा गौ रक्षा आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि संतो को आगे रखकर संसद भवन पर प्रदर्शन हुआ संतो को भक्तों को शहीद होना पड़ा आंदोलनकारी कुछ संत संभवत संसार में जीवित होंगे उन्हे पश्चाताप है कि आज तक गौ हत्या बंद नहीं हुई उल्टे भारत गोमांस निर्यात करने वाला संसार का सबसे बड़ा देश बन गया है संसद भवन परिसर में शहीद गो भक्तों का स्मारक भाजपा की सरकार भी नहीं बना पाई जो कि एक बहुत बड़ा आंदोलन का हिस्सा थी सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हुए कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय का भला हो जिसने साक्ष्यों के आधार पर राम मंदिर का निर्णय राम भक्तों के पक्ष में दिया जिसके निर्माण कार्य में विलंब हो रहा है मंदिर निर्माण के नाम पर पुनः लोगों मैं भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं लोगों को दिग्भ्रमित करने का काम किया जा रहा है जो कि देश से समाज मानवता और रामराज्य के लिए उचित नहीं है
महंत ने कहा कि राम मंदिर राष्ट्रीय संपत्ति है किसी दल संगठन जाति विशेष का नहीं है राम मंदिर निर्माण कार्य मान्य चारों पीठों के शंकराचार्य के तत्वाधान में संत समाज को सौंपा जाय,संत समाज मंदिर निर्माण स्वयं ही करवा लेगा, मां ने चारों पीठों के शंकराचार्य को सौंपने से राजनीति एवं धार्मिक उन्मादो पर अंकुश लग सकेगा जिस से आपसी भाईचारा एवं रामराज्य की कल्पना सार्थक होगी।
