फरीदाबाद : प्रशासनिक अधिकारी, राजनेता, कारोबारी, नौकरीपेशा, आम हो या खास सभी कैंडी बाबा के हाथों ठगे जा चुके हैं। यानि ऐसा कोई बचा नहीं जिसको कैंडी बाबा ने ठगा नहीं। कैंडी बाबा ने पंजाब के एक बड़े अधिकारी को भी अपने जाल में फंसा लिया था। तब उसे पंजाब के पटियाला में एक थाने में चार दिन हवालात में रहना पड़ा था। पूरे रुपये वापस करने पर ही उसे छोड़ा गया था।
राजेश का कैंडी बाबा बनने का सफर
जांच टीम के मुताबिक आरोपित करीब 14 साल पहले सक्रिय हुआ था। दिल्ली के एक डेरे में ढोलकी बजाने से उसका सफर शुरू होता है। करीब 14 साल पहले वह कुरुक्षेत्र के पास शरीफगढ़ नाम के एक छोटे से गांव में पहुंचा था। उसने यहां के लोगों को हिमाचल प्रदेश के एक बड़े धर्म गुरु के चेले के रूप में अपना परिचय दिया। शरीफगढ़ में अपने एक अनुयायी की कोठी पर कब्जा कर आश्रम बनाया और टॉफी बांटकर भूत-प्रेत का इलाज करने का दावा करने लगा। इसलिए उसका नाम कैंडी बाबा मशहूर हो गया। नजरबंदी व जादू का कुछ खेल जानने के दम पर उसने लोगों पर विश्वास जमाया। फिर विदेश भेजने, सस्ता सोना दिलाने, रुपये दोगुने करने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठनी शुरू कर दी।
देता था बंद कमरे में पैसों की बरसात का झांसा
लोगों से रकम ऐंठने के लिए राजेश उर्फ कैंडी बाबा कई तरीके अपनाता था। लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देने के अलावा वह बंद अंधेरे कमरे में मोमबत्तियां जलाकर पैसों की बरसात करने का झांसा देता था। रोहतक निवासी कृष्ण से उसने ऐसे ही ठगी की। पहले 10 रुपये के 140 रुपये बनाए और फिर 50 लाख रुपये मंगवाकर नोटों की बरसात करने का झांसा दिया। बाबा ने उसे अंधेरे कमरे में बुलाकर मोमबत्तियां जलाकर नोटों की बरसात की और नोट एकत्रित करने को कहा, जोकि बाद में मात्र 9.17 लाख निकले। बाद में बाबा ने कृष्ण से 40 लाख रुपये मंगवाए और करोड़ों की बरसात करने का झांसा दिया, लेकिन इसके बाद न कोई बरसात हुई और न कोई बाबा नजर आया। प्रदीप को दिया सस्ता सोना दिलाने का झांसा
फरीदाबाद सेक्टर-17 निवासी प्रदीप को बाबा ने सस्ता सोना दिलाने का झांसा दिया था। दिसंबर 2018 में प्रदीप कैथल निवासी सुरेंद्र मलिक नाम के व्यक्ति के जरिये कैंडी बाबा से मिला। आरोपित प्रदीप को दिल्ली एनसीआर के महंगे होटलों में ले गया। उनकी बातों में आकर प्रदीप ने सोना खरीदने के लिए 14 लाख रुपये दे दिए। दो दिन बाद आरोपितों ने एक लाख रुपये बढ़ाकर आरोपित को वापस दिए कि उसका सोना 15 लाख रुपये का बिका है। एक लाख रुपये अधिक मिलने से खुश प्रदीप उनके झांसे में आ गया और फिर दोस्तों, रिश्तेदारों से 1.40 करोड़ रुपये लेकर कैंडी बाबा और उसके सहयोगियों को दे दिए। इसके बाद न आरोपित मिले और ना सोना। तब प्रदीप ने पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया। आरोपित से पूछताछ की जा रही है। उसके साथ जो भी लोग धोखाधड़ी में शामिल थे, उन्हें पकड़ा जाएगा। दूसरे जिलों की पुलिस को भी सूचित कर दिया है, ताकि वे अपने जिलों में दर्ज मुकदमों की जानकारी दे सकें।
-केके राव, पुलिस आयुक्त
