
बल्लभगढ़: नगर निगम से दो बार नोटिस मिलने और मुनादी कराने को पीजी संचालकों ने गंभीरता से नहीं लिया है। यही कारण है कि अभी तक किसी भी संचालक ने निगम में अपनी रिहायशी श्रेणी को व्यवसायिक कराने के लिए कोई आवेदन जमा नहीं कराया है। चावला कालोनी और पूर्वी चावला कालोनी में काफी संख्या में लोगों ने अपने घरों के अंदर पीजी बनाए हुए हैं। यह पीजी में पांच से लेकर 15 तक लोगों को किराये पर ठहराते हैं। एक व्यक्ति से पीजी में ठहरने का पांच से छह हजार रुपये प्रति महीना लेते हैं। घर में पेयजल और सीवर का निगम रिकॉर्ड में एक-एक कनेक्शन लिया हुआ है। जबकि यहां पर दर्जनों लोग इन सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।
इसलिए निगम ने पीजी संचालकों को दो बार एक-एक सप्ताह का नोटिस दिया कि वह अपने घर की आइडी को नगर निगम में आवेदन देकर व्यवसायिक करा लें। निगम में व्यवसायिक कर जमा कराएं। निगम के दो बार नोटिस और मुनादी कराने के बाद भी पीजी संचालक गंभीर दिखाई नहीं दे रहे। अभी तक एक भी ऐसा संचालक नहीं है, जिसने अपनी आइडी व्यवसायिक कराने के लिए निगम में आवेदन दिया हो।
हमने पीजी संचालकों को दो बार नोटिस दिए और मुनादी भी करा दी। इसके बाद किसी भी संचालक ने अपने मकान की श्रेणी बदलवाने के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। अब पीजी को सीलिंग करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
-करण सिंह भगोरिया, संयुक्त आयुक्त नगर निगम जोन बल्लभगढ़
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