फिल्म अभिनेता सुशांत राजपूत ने कल 14 जून को मुम्बई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुशांत राजपूत का हरियाणा से गहरा नाता रहा है। दरअसल सुशांत सिंह राजपूत की बहन की शादी हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी से हुई है। उनके जीजा ओपी सिंह सीनियर आइपीएस अधिकारी हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर तैनात ओपी सिंह मुख्यमंत्री कार्यालय में सलाहकार भी हैं। प्रदेश में राहगिरी के अधिकतर कार्यक्रम ओपी सिंह की देखरेख में होते हैं।
जीजा ओपी सिंह के आइपीएस अधिकारी होने के नाते सुशांत राजपूत की हरियाणा के कई आइपीएस और आइएएस अधिकारियों के साथ अच्छी जान-पहचान थी। इन अफसरों का मानना है कि साधारण से दिखने वाले सुशांत राजपूत किसी तरह के अवसाद में होंगे, उन्हेंं नहीं लगता। ऐसे युवक का सुसाइड करना संदेह पैदा करता है।
अपने साले सुशांत राजपूत के सुसाइड करने की खबर मिलते ही एडीजीपी ओपी सिंह अपने परिवार के साथ मुंबई के लिए रवाना हो गए। ओपी सिंह हरियाणा के खेल निदेशक भी रहे हैं। ओपी सिंह ऐसे आइपीएस अधिकारी हैं, जिन्हेंं आइएएस अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया था। यह बात हुड्डा सरकार के कार्यकाल की है।
एडीजीपी ओपी सिंह की कार्य प्रणाली को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हेंं सलाहकार के पद पर सीएमओ में एडजेस्ट कर रखा है। सुशांत राजपूत की बहन की जब ओपी सिंह के साथ शादी हुई थी, तब उनकी उम्र करीब 12 साल थी। तभी से ही सुशांत अपनी बहन व जीजा के पास पंचकूला आते-जाते थे। सुशांत के अभिनेता बनने की शुरुआत भी पंचकूला से ही हुई थी।
शुरुआती दिनों में सुशांत यहीं पर रहकर क्रिकेट खेलते थे और उन्हेंं थिएटर का बड़ा शौक था। थिएटर करने की भी शुरुआत भी सुशांत ने पंचकूला से ही की थी। सुशांत के फिल्मी करियर की शुरुआत पंचकूला से हुई और यहीं पर उन्होंने कई थिएटर किए।
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी की फिल्म आने के बाद जीजा ओपी सिंह ने सुशांत की मुलाकात हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कराई थी। एडीजीपी ओपी सिंह हालांकि इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं और परिवार के साथ मुंबई चले गए हैं। सुशांत जब पंचकूला आता था, तब उसकी हरियाणा के आइएएस और आइपीएस अधिकारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों के साथ सेलीब्रिटी के नाते मुलाकात होती रहती थी।
