
जुलाना : क्षेत्र के शादीपुर गांव में एक किसान परिवार के घर करीब 45 साल बाद बेटी के जन्म से खुशी का माहौल बन गया। बेटी के जन्म की खुशी में परिवार ने उसका जोरदार स्वागत किया। परिजन नवजात को अस्पताल से फूलों से सजी गाड़ी में घर लेकर पहुंचे। इस दौरान ढोल-नगाड़े बजाकर खुशी मनाई गई और परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
शादीपुर गांव निवासी विकास ने बताया कि उनके परिवार की लंबे समय से इच्छा थी कि उनके घर बेटी का जन्म हो। शादी के करीब एक साल बाद उनकी पत्नी सिमरन ने बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने अस्पताल से ही बेटी के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीं। नवजात को फूलों से सजाई गई गाड़ी में घर लाया गया। घर पहुंचने पर परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने उसका खुशी के साथ स्वागत किया। विकास ने बताया कि उनके परिवार में इससे पहले करीब 45 साल पहले उनकी बुआ का जन्म हुआ था। इसके बाद अब उनके घर बेटी सानवी ने जन्म लिया है। लंबे अंतराल के बाद परिवार में बेटी के जन्म से सभी सदस्य बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म को लेकर परिवार में किसी तरह की चिंता नहीं है, बल्कि वह इसे सौभाग्य और खुशी का अवसर मानते हैं।
विकास और उनकी पत्नी सिमरन ने कहा कि आज के दौर में लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। बेटियां शिक्षा, खेल, प्रशासन, सेना और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर परिवार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। जरूरत सिर्फ उन्हें समान अवसर और बेहतर परवरिश देने की है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में लड़के और लड़की के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता। उनके अनुसार बेटा-बेटी में फर्क नहीं, बल्कि फर्क लोगों की मानसिकता में होता है। बेटी सानवी के जन्म पर परिवार ने खुशी मनाकर समाज को भी बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच रखने का संदेश दिया।
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