फरीदाबाद : एडीजीपी ओपी सिंह ने शुक्रवार को फरीदाबाद में पुलिस आयुक्त का पदभार संभाल लिया। वे सुबह करीब 10 बजे फरीदाबाद पहुंचे। फरीदाबाद पुलिस की तरफ से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पहले दिन उन्होंने जिले के सभी डीसीपी और एसीपी के साथ बैठक की। उनसे जिले के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी क्राइम ब्रांच अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय गैंग और अपराधियों को चिन्हित कर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद शहर में अपराध को रोकने के लिए उचित प्रयास किए जाने चाहिए। जनता और पुलिस में आपसी सामंजस्य अच्छा होना चाहिए ताकि हो रहे अपराध के बारे में जनता के द्वारा पुलिस को सही समय पर जानकारी मिल सके।
एडीजीपी ओपी सिंह 1997 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। इससे पहले वे मुख्यमंत्री कार्यालय में कम्यूनिटी पुलिसिग के स्पेशल ऑफिसर के तौर पर तैनात थे। फरीदाबाद में पुलिस आयुक्त के तौर पर पदभार ग्रहण करने वाले वे एडीजीपी रैंक के पहले अधिकारी होंगे। इससे पहले आइजी रैंक के अधिकारी पुलिस आयुक्त नियुक्त होते रहे हैं। नए पुलिस आयुक्त 1993 बतौर एएसपी फरीदाबाद में तैनात रह चुके हैं। यह होंगी चुनौतियां :
पुलिस आयुक्त ओपी सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाते हुए कार्य सुचारू करने की होगी। जिले में अवैध हथियारों की उपलब्धता कम करना भी मुख्य चुनौती है। दूसरे राज्यों से जिले में अवैध हथियार पहुंच रहे हैं। इनसे लगातार वारदातें भी हो रही हैं। साइबर अपराध भी जिले में एक बड़ा मुद्दा है। साइबर अपराध की रोजाना 30 से 40 शिकायतें पहुंचती हैं। साइबर अपराध के मामलों की तेजी से जांच और बदमाशों की धरपकड़ भी एक चुनौती है।
