हरियाणा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुड्डा सरकार में भर्ती 1983 पीटीआई टीचरों को बर्खास्त किया गया है। लेकिन अब इन टीचरों को गेस्ट टीचरों की तर्ज पर एडजस्ट करने की तैयारी है। इन पीटीआई टीचर्स की नौकरी के लिए बिजली मंत्री रणजीत सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें सीएम के प्रधान सचिव आरके खुल्लर, करनाल से सांसद संजय भाटिया और सीएम के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी शामिल है।
बताया जा रहा है कि बर्खास्त किये गए पीटीआई टीचर्स को गेस्ट टीचर्स की तर्ज पर एडजस्ट करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए हायर लेवल की कमेटी कर्मचारियों की सदस्यीय कमेटी के साथ बातचीत कर चुकी है। इसमें कर्मचारियों को ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कहा है। लेकिन कर्मचारी अपनी नौकरी बहाली का प्रयास कर रहे हैं।
कर्मचारियों की तरफ से 11 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। माना जा रहा है कि आज कर्मचारियों के पदाधिकारियों की सीएम के साथ बातचीत हो सकती है। कर्मचारियों की मांग है कि दोबारा से बहाली की जाए और जिन मृत कर्मचारियों की पेंशन रोकी गई है उसे चालू किया जाए।
इधर सरकार गेस्ट टीचर्स की तर्ज पर एडजस्ट करने की योजना बना रही है। गेस्ट टीचर्स के लिए सरकार विधानसभा में विधेयक लेकर आई थी जिसमें 58 साल की उम्र तक नौकरी पर बने रहेंगे।
आपको बता दें कि हुड्डा सरकार के दौरान हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने साल 2006 में 1983 पीटीआई टीचर्स की भर्ती की थी। इसके बाद साल 2008 में इस भर्ती की प्रक्रिय शुरु हुई थी। इसमें कई बार चयन प्रक्रिया बदली गई। आखिरकार साल 2010 में इंटरव्यू के जरिये यह भर्ती पूरी हुई थी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट चला गया था। इस भर्ती की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भर्ती को रद्द करने की मांग की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस भर्ती को रद्द कर दिया है।
