नई दिल्ली : अनलॉक-4 में दिल्ली मेट्रो का परिचालन एक सितंबर से शुरू हुआ तो दिल्ली मेट्रो रेल निगम एक बहुत बड़ा बदलाव करेगा। इसके तहत अब मेट्रो सुबह साढ़े सात बजे से चलेगी और रात में पूर्व निर्धारित समय से डेढ़ से दो घंटा पहले परिचालन बंद हो जाएगा। इसके अलावा, मेट्रो स्टेशनों पर सिर्फ 40 फीसद गेट ही खुले रहेंगे, ताकि अधिक भीड़ न होने पाए। सभी स्टेशनों के गेट पर सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहेंगे। वहीं, 500 अधिकारी विशेष ड्यूटी के लिए तैनात किए जाएंगे जो मेट्रो में सफर के दौरान शारीरिक दूरी के नियम के पालन का निरीक्षण करेंगे। यहां पर बता दें कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के नेटवर्क में 242 मेट्रो स्टेशन हैं। इन स्टेशनों पर कुल 671 गेट हैं। इसमें से 257 गेट खुले रहेंगे। सफर के दौरान यात्रियों को दो मीटर की दूरी बनाकर रखनी होगी।
एक कोच में सिर्फ 50 यात्री ही कर सकेंगे सफर
1 सितंबर से मेट्रो ट्रेनों के संभावित संचालन के बाबत डीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों से लेकर मेट्रो स्टेशनों तक पर कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। इस दौरान सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मास्क के बगैर पहुंचने पर यात्रियों को स्टेशन पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मेट्रो के एक कोच में करीब दो हजार तक यात्री सफर करते हैं, लेकिन परिचालन शुरू होने पर एक कोच में 50 यात्री ही सफर कर पाएंगे।
केंद्र की मंजूरी के बाद जारी होगी गाइडलाइन
अब मेट्रो सुबह साढ़े सात बजे से चलेगी और रात में पूर्व निर्धारित समय से डेढ़ से दो घंटा पहले परिचालन बंद हो जाएगा। हालांकि अभी केंद्र सरकार से परिचालन की स्वीकृति मिलने के बाद ही डीएमआरसी दिशानिर्देश जारी करेगा।
स्टेशन पर 40 सेकंड तक रुक सकती है मेट्रो
परिचालन शुरू होने पर मेट्रो की फ्रीक्वेंसी (फेरे लगाने की संख्या) दोपहर में कम हो सकती है। सुबह व शाम को व्यस्त समय में फ्रीक्वेंसी सामान्य रहने की उम्मीद है। वहीं ट्रेनें स्टेशनों पर 10 से 20 सेकेंड की जगह 20 से 40 सेकेंड तक रुक सकती हैं। बता दें कि कोरोना के कारण 22 मार्च से ही मेट्रो का परिचालन बंद है।
