नई दिल्ली : शिक्षकों, डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों को वेतन देने में आए दिन सामने आने वाली समस्या को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) को केंद्र सरकार सीधे फंड क्यों नहीं जारी करती है? मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ दिल्ली सरकार की तरफ से फंड नहीं देने को लेकर एनडीएमसी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।केंद्र की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा से कहा कि इस पर संबंधित मंत्रालय के निर्देश लेकर वे पीठ के समक्ष रखेंगे। इस पर पीठ ने सुनवाई 19 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।
पिछली सुनवाई पर पीठ ने केंद्र व दिल्ली सरकार के साथ निगम को इस मामले में बैठक कर आपस में हल निकालने का निर्देश दिया था। दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने पीठ को बताया कि इस संबंध में दिल्ली व केंद्र सरकार की बैठक हुई थी, लेकिन अभी इसकी पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि, दिल्ली सरकार ने बैठक में कहा था कि उसने निगम को पहली और दूसरी तिमाही की किस्त के रूप में करीब 1500 करोड़ रुपये मंजूरी किए हैं जिनमें से 1187.67 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं।
