नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) किसानों के व्यापार और वाणिज्य अध्यादेश-2020, किसान समझौते और आवश्यक वस्तु अध्यादेश-2020 बिल का विरोध करेगी और बुधवार को संसद में इसके खिलाफ वोट करेगी। यह बात पार्टी के पंजाब से सांसद भगवंत मान ने कही। उन्होंने कहा कि यह बिल कृषि उद्योग के निजीकरण की दिशा में एक कदम है। इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समाप्त हो जाएगा और इस बिल के आने के बाद निजी खिलाड़ियों को खुली छूट मिल जाएगी। पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान मान ने कहा कि एक कैबिनेट पद बचाने के लिए शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के किसानों के अधिकारों को बेच दिया है। अगर वे वास्तव में किसानों के अधिकारों का समर्थन करना चाहते हैं, तो बुधवार को उन्हें इस बिल के खिलाफ मतदान करना चाहिए।

उच्च स्तरीय समिति की बैठक में कांग्रेस पार्टी के पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी शामिल थे, इसलिए इस बिल को लेकर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को अपना रुख साफ करना चाहिए। आप के विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि किस तरह से केंद्र में बैठी भाजपा की सरकार किसानों पर यह अत्याचार कर रही है। एमएसपी ऑर्डिनेंस बिल उसका जीता जागता प्रमाण है। कृषि क्षेत्र को निजी हाथों में देने के लिए लाया गया यह बिल मान ने कहा कि बिल में निजी कंपनियों को खुली छूट दे दी गई है, आगे आइए और कृषि क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लीजिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट बेचे, एलआइसी बेची, बैंक बेच दिए, एयर इंडिया और रेलवे का निजीकरण कर दिया, अब किसानों से खेती को भी छीना जा रहा है। किसान हितैषी शिअद के सांसद रहे गैर हाजिर आप सांसद ने आगे कहा कि फसल के भंडार करने के बिल का भी हम विरोध कर रहे हैं।
इस बिल के अनुसार अब किसी भी जरूरी वस्तु को कहीं भी इकट्ठा किया जा सकता है। जरूरी वस्तुओं का जितना चाहे उतना भंडार किया जा सकता है और जब मन चाहे उसे बेचा जा सकता है। हरसिमरत कौर के घर के बाहर निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि हम हरसिमरत कौर के घर के बाहर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। उन्होंने कहा कि हम ट्रैक्टर लेकर उनके घर के बाहर जमा होंगे। इस बिल की वजह से ट्रांसपोर्टर, पल्लेदार, मजदूर और ट्रैक्टर इंडस्ट्री से जुड़े हुए लोग सभी लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
