अगले महीने शुरू होने जा रहे इंडस वैली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दूसरे संस्करण में भारत समेत बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान से भी फिल्में स्क्रीनिंग के लिए तैयार हैं। सिर्फ फिल्में ही नहीं, इस फेस्टिवल के दौरान कलाकारों से बातचीत होगी, लोगों के लिए वर्कशॉप्स और मास्टर क्लासेज का आयोजन किया जाएगा, म्यूजिक कॉन्सर्ट होंगे और सबसे अच्छी प्रस्तुति देने वालों को पुरस्कारों से सम्मानित भी किया जाएगा। इस फिल्म महोत्सव की शुरुआत 2 अक्टूबर से होगी और 10 अक्टूबर को इसका समापन होगा।

इस फिल्म महोत्सव में दिखाए जाने के लिए बांग्लादेश से फिल्म ‘बिजली’ को चुना गया है। यह एक सुपर हीरो फिल्म है। फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान इसकी अभिनेत्री और निर्माता बॉबी से बातचीत भी की जाएगी। नेपाल से पुरस्कार विजेता फिल्म ‘अनागत’ को चुना गया है। स्क्रीनिंग के मौके पर इस फिल्म के निर्देशक समतेन भूटिया मौजूद होंगे। श्रीलंका से इस महोत्सव में स्क्रीनिंग के लिए विसाकेसा चंद्रशेकरम की फिल्म ‘पांगशु और सुजीवा प्रियल यड्ढेकीगे की फिल्म ‘सुपर्णा’ को चुना गया है।
पाकिस्तान भी अपनी फिल्म ‘हो मन जहां’ के साथ इस फिल्म महोत्सव में भाग लेने वाला है। इस फिल्म में माहिरा खान ने मुख्य भूमिका निभाई है और इस फिल्म का निर्देशन किया है आसिम रजा ने। इसके अलावा पाकिस्तान की ओर से एक फीचर डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द वॉलनट ट्री’ भी दिखाई जाएगी जिसका निर्देशन अमर अजीज ने किया है। भारत से एक फीचर डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘विंडफॉल ऑफ ग्रेस’ इस महोत्सव में हिस्सा लेगी। यह डॉक्यूमेंट्री नीम करौली बाबा पर आधारित है। इनके अलावा भी कई और फिल्में और शॉर्ट फिल्में इस महोत्सव का हिस्सा होंगी।
फेस्टिवल के आयोजकों का कहना है कि वे इसके जरिए दक्षिण एशिया के पूरे रचनात्मक उद्योग को एक साथ दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। ये फेस्टिवल उन सभी लोगों की मदद करेगा जो दक्षिण एशिया में काम करने वाले सभी निर्माता-निर्देशक, कलाकारों, इन प्रोजेक्टों की खरीद-फरोख्त करने वालों और तकनीकी रूप से एक दूसरे की सहायता करने के लिए एक दूसरे के साथ आएंगे।
