सिनेमाजगत के मशहूर गायक एसपी बालासुब्रमण्यम का निधन हो गया है। 74 वर्षीय बालासुब्रमण्यम ने चेन्नई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। बालासुब्रमण्यम ने हिंदी फिल्मों के साथ ही साथ अन्य भाषाओं में भी गीत गाए थे। 80 के दशक से लेकर नई सदी की शुरुआत तक एसपी बालासुब्रामण्यम हिंदी फ़िल्मों में गाते आए है। दक्षिण भारत में पहचान बना चुके एसपी बालासुब्रामण्यम ने 1981 में आई फ़िल्म एक दूजे के लिए पहली हिंदी फ़िल्मों में गाना गया कमल हासन के लिए और नेशनल अवॉर्ड जीता। गीत का नाम था- ‘तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अंजाना।’

हिंदी फिल्में देखने वाले नई पीढ़ी के कुछ लोग हो सकता है दिग्गज गायक एसपी बालासुब्रामण्यम के नाम से वाकिफ हों, या कुछ न भी हों, पर सलमान सलमान खान का नाम तो जानते ही हैं। जब सलमान खान नए-नए फिल्मों में आए थे तो कई सालों तक एसपी बालासुब्रमण्यम को सलमान ख़ान की आवाज़ समझा जाता था। ‘मैंने प्यार किया’ के गाने हों या ‘साजन’ या फिर ‘हम आपके हैं कौन’- इन सब फ़िल्मों में सलमान को एसपी ने ही आवाज दी थी। ये बात भी अगर पुरानी लग रही हो तो कुछ साल पहले आई चेन्नई एक्प्रेस का टाइटल गाना एसपी बालासुब्रामण्यम ने ही गाया था।
बालासुब्रामण्यम ने हिंदी सिनेमा को एक से एक सुपरहिट गाने दिए हैं। बालासुब्रामण्यम की हिट लिस्ट में ‘सच मेरे यार है’,’ओ मारिया’, ‘दिल दीवाना’, ‘कबूतर जा जा’, ‘आजा शाम होने आई’, मेरे रंग में रंगने वाली, ‘दीदी तेरा देवर दीवाना, पहला पहला प्यार है और ‘रोजा जानेमन’ जैसे कई गीत शुमार रहे।
दक्षिण भारत में पैदा हुए और कई भाषाओं में गाने वाले एसपी बालासुब्रामण्यम खुले आम ये कहते थे कि गाना गाने का भाव और प्रेरणा उन्हें हिंदी गानों से मिली, खासकर मोहम्मद रफी के वो बड़े फैन थे।सोनू निगम के साथ एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया था, “मैं साइकिल से कॉलेज जाया करता था, रफ़ी का गाना होता था दीवाना हुआ मौसम। कई बार मैं रुक जाता था सुनते सुनते। जिस तरह वे झूम के बोलते थे।’लेकिन एसपी बालासुब्रामण्यम की हस्ती और हुनर हिंदी फिल्मों के दायरे से कहीं बड़ा है। इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो छह नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं, वो भी चार अलग अलग भाषाओं में- हिंदी, तमिल, तेलुगु और कन्नड़।
कमल हासन, रजनीकांत, एमजीआर,से लेकर सलमान और शाहरुख तक पूरे भारत के सुपरस्टार्स के लिए एसपी बालासुब्रामण्यम गाना गाया है। अपनी आवाज़ से कमल हासन और रजनीकांत के फ़र्क को गीतों में जैसे वो लाते हैं, फ़ैन्स उस अदा के मुरीद रहे हैं। अपने शुरुआती दिनों में एसपी बालासुब्रामण्यम एक छोटे से म्यूज़िकल ग्रुप का हिस्सा थे जिसमें इलयाराजा भी थे जो जगह जगह परफ़ॉरमेंस देते थे। तब तक एसपी बालासुब्रामण्यम और न इलयाराजा को कोई जानता था। बता दें कि इतना ही नहीं एसपी बालासुब्रामण्यम न सिर्फ एक हरफनमौला कलाकार थे बल्कि वो कमाल के डबिंग आर्टिस्ट भी थे।
