भारत बंद का असर अंबाला में व्यापक रूप से देखने को मिला। चीन बॉर्डर की तरफ जा रहा सेना के जवानों का काफिला शंभू बॉर्डर पर करीब आधा घंटा फंसा रहा। स्थानीय पुलिस और सेना के जवानों की गुहार के बाद आखिर में गलत दिशा की तरफ से काफिले को रवाना किया गया। सुबह करीब 9 बजे से ट्रैक्टर-ट्राली लेकर सड़कों पर उतरे किसानों ने करीब सात घंटे तक जगह-जगह सरकार के खिलाफ जमकर रोष जताया। जबकि शंभू और सद्दोपुर बॉर्डर सुबह से शाम 5 बजे तक बंद रहा।

इसी कारण अंबाला-चंडीगढ़ और अंबाला- अमृतसर नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद रहा। उधर शाहाबाद-साहा हाईवे पर भी किसानों ने जाम लगा दिया। जबकि नारायणगढ़ में शुगर मिल के पास किसानों ने 6 घंटे जाम लगाए रखा। वहीं, छावनी और शहर के बाजारों से सैकड़ों की संख्या में किसानों ने रोष मार्च निकालकर दुकानदारों से अपील कर दुकानों को भी बंद करवाया। हालांकि इस बीच कई जगह किसानों द्वारा जबरन दुकानें बंद करवाने के मामले भी सामने आए।
उधर, जाम की स्थिति बनने पर अंबाला छावनी के बाजारों में रोष मार्च के दौरान पंजोखरा गांव के किसान प्रधान भूपिंद्र सिंह को हार्ट अटैक आ गया। तबीयत बिगड़ने पर छावनी के नागरिक अस्पताल से रेफर कर दिया गया। दूसरी तरफ शंभू बॉर्डर पर पंजाब की तरफ से आए किसानों का 12 गायकों ने समर्थन किया और बार्डर पर ही गीत सुनाकर प्रदर्शनकारियों का साथ देते हुए समा बांधा।
