नंद नगरी इलाके में तीन लोगों को रौंदने वाला कलस्टर बस का चालक नशे की हालत में बस चला रहा था। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। वहीं चालक ने दावा किया है कि हादसे के समय बस के ब्रेक फेल हो गए थे उसकी वजह से वह बस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और हादसा हो गया। पुलिस इस बात का पता लगाने के लिए बस का तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रही है। क्या वास्तव में बस के ब्रेक फेल हुए थे या नहीं या फिर चालक झूठ बोल रहा है।

वहीं हादसे का शिकार हुए तीसरे मृतक की शिनाख्त नंदनगरी निवासी अमर सिंह(47) के रूप में हुई है। जबकि अन्य दो मृतक करण(12) मंडोली एक्सटेंशन और रविंद्र(18) लोनी के बेहटा हाजीपुर में रहते थे। घायलों की पहचान करण के पिता सतीश(40), मां चंचल(39) और मंडोली निवासी सुजीत के रूप में हुई है।
सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया है। वहीं घायलों का दयानंद अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद से वहां तनाव की स्थिति बनी हुई थी। लोगों ने बस और पीसीआर पर पथराव शुरू कर दिया था। लोगों को शांत कराने के लिए पुलिस को हवा में पिस्टल लहरानी पड़ी और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
घटना के बाद मौके से फरार चालक पुष्पेंद्र देर रात नंदनगरी थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मूलत: बुलंशहर के चांदबाग का रहने वाला पुष्पेंद्र राजघाट डिपो में रहता है। पुष्पेंद्र ने पूछताछ में दावा किया कि बस के ब्रेक फेल होने से हादसा हुआ है।
हालांकि उसने बस को रोकने के लिए फ्लाइओवर के डिवाइडर में टक्कर मारी थी लेकिन रूकने के बजाए बस की रफ्तार तेज हो गई। जब तक बस रूकी तब तक कई गाडिय़ों और लोगों को अपने चपेट में ले चुकी थी। वहीं पुलिस ने जब पुष्पेंद्र का मेडिकल करवाया तो उसमें उसके नशे में होने की पुष्टि हुई। वह शराब पीकर बस चला रहा था। ऐसे में पुलिस बस के ब्रेक फेल होने के उसके दावे की जांच में जुटी है।
