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Home » शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचार ,सिद्वांत और उनके कार्य सदैव ही प्रसांगिक है : रीतिक वधवा

शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचार ,सिद्वांत और उनके कार्य सदैव ही प्रसांगिक है : रीतिक वधवा

faridabadnews24By faridabadnews24September 27, 2020No Comments3 Mins Read

भिवानी : शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर  श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम उनकी तस्वीर पर भाजपाईयों ने पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए भाजपा नेता रीतिक वधवा , पार्षद मुकेश रहेजा एडवोकेट एवं धार्मिक सामाजिक संगठन के संयोजक विनोद अत्री ने कहा कि भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर, 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में (अब पाकिस्तान में) हुआ था।

उनके पिता का नाम किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती था। भगत सिंह का परिवार एक आर्य-समाजी सिख परिवार था। भगत सिंह करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय से अत्याधिक प्रभावित रहे। भगत सिंह की अल्प जीवन काल से हमें खासकर युवा वर्ग को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है क्योंकि उनके विचार ,सिद्वांत और उनके कार्य सदैव ही प्रसांगिक है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के बाल्य जीवन में जब वे मात्र 12 वर्ष के थे, 1919 की जालियांवाला बाग हत्याकांड से बहुत आहत हुए। उनका बचपन ऐसे दौर से गुजर रहा था जहां हर दिन आवाम की चीख-पुकार सुनाई देती थी। शोषण को सहना काफी कष्टदायी था। ऐसे समय में भगत सिंह ने समतामूलक समाज के लिए, शोषण और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुंलद की। भगत सिंह ने चंद्रशेखर आज़ाद के साथ मिलकर क्रांतिकारी संगठन तैयार किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण ही युग द्रष्टा और युग स्त्रष्टा बने। वे सिर्फ वीर नहीं वरन् क्रांतिकारी विचारक थे। वे युवा वर्ग को हमेशा प्रेरित करते रहे।

उनका मानना था कि युवा ही रणचंडी के ललाट की रेखा है, युवा स्वदेश की यश -दुदुंभि का तुमुल निनाद है। लाहौर षडय़ंत्र मामले में भगत सिंह को फाँसी की सजा सुनाई गई व बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास दिया गया।  भगत सिंह मात्र 23 वर्ष, 5 महीने और 26 दिन ही जीवित रहे! भगतसिंह की शहादत से न केवल अपने देश के स्वतंत्रता संघर्ष को गति मिली बल्कि  वतन परस्ती के लिए मिशाल बन गए।आज भी सारा देश उनके बलिदान को बड़ी गंभीरता व सम्मान से याद करता है। जनता उन्हें आजादी के दीवाने के रूप में देखती है जिसने अपनी जवानी सहित सारी जिंदगी देश के लिए समर्पित कर दी। अन्य श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में सूबेदार सुभाष जांगड़ा सूर्यकांत भारद्वाज कैप्टन हरिपाल सतबीर भारद्वाज रमेश ढाणीमाहू मनीष , तेज सिंह,  चेतन , डा. योगेश, सुनील कुमार,  संदीप कोकचा, नीरज , कमल कुमार, मुकेश कुमार, राजन ,  जोगेंद्र कुमार, हेमंत, धीरज, विनोद कुमार, आनंद कुमार, अनिल कुमार, सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता हैं।

Faridabad News faridabadnews24 Shaheed-e-Azam Bhagat Singh's views theories and his work are always relevant: Reetik Wadhwa
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