दिल्ली : उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने बताया कि दिल्ली सरकार के विभागों के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग, दिल्ली सचिवालय, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड, विद्यालय, अस्पताल व जल बोर्ड की संपत्तियों ने निगम को कभी संपत्तिकर जमा नहीं कराया है। इसे वसूलने के लिए निगम अब कार्रवाई करेगा।

जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने उत्तरी निगम पर 2,466 करोड़ रुपये बकाया बताया है। उत्तरी निगम के अंतर्गत 700 विद्यालय, छह अस्पताल, 17 पालीक्लीनिक और निगम के सरकारी दफ्तर पर पानी के बिल पर कमर्शियल रेट लगाया गया है। जयप्रकाश ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड पर उत्तरी निगम का 216 करोड़ रुपये संपत्तिकर और रोड कटिंग का 293 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा दिल्ली सरकार पर पहली और दूसरी तिमाही का 955.84 करोड़ भी बकाया है। वहीं, वित्तीय आयोग की सिफारिशों के अनुसार, 968.91 करोड़ बकाया है। यानी, दिल्ली सरकार पर उत्तरी निगम का 1924.81 करोड़ रुपये बकाया है।
पूर्वी निगम के महापौर निर्मल जैन ने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में संवैधानिक संस्थाओं को खत्म कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर जल बोर्ड पर पूर्वी निगम की 175.52 करोड़ की देनदारी का भुगतान करने का अनुरोध किया है। इस राशि में से दिल्ली जल बोर्ड का पूर्वी निगम पर बकाया 49 करोड़ रुपये काटकर शेष 126 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाए। दिल्ली सरकार ने पूर्वी निगम का 1050 करोड़ रुपये अभी तक नहीं दिया है, जिससे विकास कार्य रुके हुए हैं और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में भी परेशानी आ रही है।दक्षिणी निगम के महापौर अनामिका ने कहा कि मुख्यमंत्री से कई बार मिलने का समय मांगा गया, लेकिन वह नहीं मिले हैं। महापौर ने कहा कि दक्षिणी निगम में चार जोन आते हैं। प्रत्येक जोन में दिल्ली सरकार की संपत्तियों पर करीब 2500 करोड़ रुपये कर बनता है। यानी, सरकार पर 10,000 करोड़ रुपये बकाया है।
भाजपा निगम नहीं चला सकती है तो इस्तीफा दे : आप
दिल्ली सरकार का कहना है कि तीनों निगमों के महापौर ने गलत आंकड़े दिए हैं। इससे उन्होंने अपने विभाग का ही मजाक बना दिया है। दक्षिणी निगम दिल्ली सरकार पर 10 हजार करोड़ का संपत्तिकर बकाया बता रहा है, जबकि पिछले वर्ष उसे 12 लाख संपत्तियों से 940 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। दिल्ली सरकार ने कहा है कि यदि भाजपा निगम को नहीं चला सकती है तो वह इस्तीफा दे दे। आम आदमी पार्टी इतने ही बजट में निगम को चला लेगी, लेकिन भाजपा को किसी बच्चे की तरह नहीं रोना चाहिए। जब से भाजपा निगम को चला रही है तब से लोगों को सिर्फ भ्रष्टाचार और बहानेबाजी मिली है।
