राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हाथरस जाने के दौरान डीएनडी पर हंगामा करने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनोज चौधरी, महानगर अध्यक्ष शहाबुद्दीन समेत 500 से अधिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा-144 के उल्लंघन, महामारी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हाथरस जाना था। उनके काफिले को डीएनडी से गुजरना था। इसे देखते हुए डीएनडी पर सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। राहुल और प्रियंका के आने से पहले सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता डीएनडी पर पहुंच गए थे।
इससे वहां पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब राहुल और प्रियंका का काफिला डीएनडी पर पहुंचा तब पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच भिड़ंत हो गई थी। पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं पर लाठियां भांजी थीं। इसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए थे। नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बनाया तीन स्तरीय घेरा
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने तीन स्तरीय घेरा बनाया था। कार्यकर्ताओं में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। ऐसे में महिला पुलिस कर्मियों को सबसे आगे खड़ा किया गया। भारी पुलिस बल के अलावा पीएसी और आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई थी। कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए दो दमकल वाहन भी बुलाए गए। हालांकि, इनकी जरूरत नहीं पड़ी।
जमीन पर गिरे कार्यकर्ताओं को उठाने पहुंची प्रियंका
पुलिस के लाठीचार्ज का नजारा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी कार में से देख रहे थे। इस बीच जमीन पर घायल पड़े कार्यकर्ताओं को उठाने के लिए खुद प्रियंका गाड़ी से उतर आईं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को उठाया और हौसला बढ़ाया। राहुल गांधी भी इस बीच कार से उतर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच गए। यूपी में लगातार अपराध बढ़ते चले जा रहे हैैं और पुलिस उसे छिपाने में जुटी है। इस सरकार को तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। अगर हाथरस की बेटी को इंसाफ नहीं मिला तो वह देशव्यापी आंदोलन भी करेंगे।
– जितिन प्रसाद, कांग्रेस नेता
महिला अपराध के आंकड़े बताते हैं कि यूपी में बेटियां कितनी सुरक्षित हैं, ऐसे में योगी सरकार को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। मामले में छिपाने के लिए पुलिस ने आनन-फानन में शव को जलवा दिया।
-शशि थरूर, कांग्रेस नेता
आज भी रूट देखकर ही घर से निकलें
दोपहर करीब तीन बजे नोएडा में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया जो शाम पांच बजे तक बंद रहा। इस दौरान कई लोगों की पुलिस से बहस भी हुई। कोई सियासी संग्राम से आम जनता की परेशानी को लेकर विरोध करता दिखा। करीब दो घंटे तक नोएडा में वाहनों के पहिये थमे हे। वाहन न आगे जा पा रहे थे न ही पीछे। डीएनडी से मयूर विहार की ओर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया जिससे चिल्ला कट पर भी जाम लग गया। नोएडा ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रविवार व सोमवार को भी वाहन चालक रूट देखकर ही घर से निकलें तो उचित होगा। रविवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हाथरस जाने के लिए निकलेंगे और सोमवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ता हाथरस जाएंगे। पुलिस ने डीएनडी फ्लाईवे को सील करने के लिए सभी इंतजाम तैयार कर रखे हैं।
कार्यकर्ताओं की पिटाई होती देख प्रियंका बनीं ढाल
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिटता देखकर प्रियंका गांधी आननफानन में कार से उतरीं और पुलिस की लाठी के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गईं। उनके बीचबचाव कराने के दौरान ही कुछ कार्यकर्ता पुलिस की लाठी से बेसुध होकर जमीन पर गिर गए, जिन्हें प्रियंका गांधी ने पानी देकर वापस दिल्ली लौट जाने का अनुरोध किया। प्रियंका ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वापस दिल्ली लौट रहे थे, फिर भी पुलिस ने उन्हेें जबरन दौड़ाकर पीटा। कार्यकर्ता अधमरी हालत में जमीन पर पड़े थे और पुलिस उन पर जमकर लाठी भांज रही थी। किसी तरह पुलिस को रोेकने के बाद घायल कार्यकर्ताओं के लिए प्रियंका गांधी ने पानी मंगवाकर उन्हें दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि वह कोई ऐसा काम न करें कि पुलिस उनके इस आंदोलन करे बदनाम कर सकें।
इस सरकार में दलित, वंचित और गरीब बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। यूपी में हो रहे अपराध पर रोक लगाने की जगह सरकार अब पत्रकार के फोन तक टैप करवा रही हैै। कांग्रेस पार्टी अंतिम तक हाथरस की बेटी की लड़ाई लड़ती रहेगी।
– प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता
कोविड नियमों का जमकर हुआ उल्लंघन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हाथरस जाने के दौरान कोविड नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ। ऐसा करने वालों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। हालांकि, यहां पुलिसकर्मियों की मजबूरी थी जो ड्यूटी के दौरान सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर सके। एक पुलिसकर्मी का कहना था कि यदि ड्यूटी में लापरवाही की तो डाट पडे़गी, सामाजिक दूरी का पालन बाद में कर लेंगे।
वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल और प्रियंका गांधी के सामने खुद की छवि बनाने के लिए कोविड नियमों के प्रति लापरवाह दिखे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बृहस्पतिवार को भी हाथरस जाने के लिए निकले थे। उन्हें डीएनडी और यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर रोका गया था। इस दौरान ज्यादातर लोगों ने मास्क नहीं पहना हुआ था, सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं दिखा था। यही हाल शनिवार को भी देखने को मिला। डीएनडी के साथ-साथ जीरो प्वाइंट पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ।
