हरियाणा में पंचायतों के संपूर्ण रिकार्ड को डिजिटल प्लेटफाार्म पर लाने की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्चुअल माध्यम से ‘ग्राम दर्शन पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल पर हरियाणा की 6197 ग्राम पंचायतों का संपूर्ण डाटा उपलब्ध होगा।

उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ पोर्टल लांच करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रत्येक गांव की पूरी हो चुकी विकास परियोजनाओं की जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी। ग्राम पंचायत में करवाए जाने वाले आवश्यक कार्यों की सूची भी इस पोर्टल पर उपलब्ध होगी। दुनिया में कहीं भी बैठा कोई भी व्यक्ति ग्राम पंचायतों का विवरण देख सकेगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य य था कि प्रत्येक गांव की अपनी वेबसाइट होनी चाहिए ताकि ग्रामीणों विशेषकर युवाओं को विकास कार्यों, परियोजनाओं और योजनाओं की जानकारी हो। इससे वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार मांगों को राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। इसी सोच के साथ ‘ग्राम दर्शन’ की कल्पना की गई।
मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न गांवों के कुछ सरपंचों, पंचों और ग्राम सचिवों से भी बातचीत की। इस दौरान सभी ने अपनी समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के समक्ष सांझा किया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ग्राम दर्शन एप पर अन्य विभागों की विकास योजनाओं से संबंधित जानकारी और विस्तृत दिशा-निर्देशों को भी अपलोड किया जाएगा, जो ग्रामीण नागरिकों के लिए बहुत उपयोगी होगा। ग्राम दर्शन ग्राम पंचायतों की विश्वसनीयता बढ़ाने में कारगर साबित होगा और ग्रामीणों के लिए सूचना के स्रोत के रूप में कार्य करेगा।
ग्राम दर्शन ग्रामीण विकास की योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन और गरीब लोगों के जीवन का उत्थान करने में मदद करेगा। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत के नागरिकों द्वारा वोटिंग के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाए। विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने बताया कि यह पोर्टल लोकतंत्र में सभी की भागीदारी की तर्ज पर विकसित किया गया है। पोर्टल पर 10 ग्राम पंचायतों का डाटा पहले ही अपलोड किया जा चुका है। प्रत्येक ग्राम पंचायत की वेबसाइट पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की जानकारी भी होगी, जिनमें ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच और ग्राम सचिव शामिल हैं।
इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति की सूची, विभाग द्वारा या राज्य के किसी भी अन्य विभाग द्वारा पहले से बनाई गई या बनाई जा रही संपत्ति का विवरण भी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। ग्राम पंचायतें वित्तीय परिसंपत्तियों का विवरण जैसे सावधि जमा और खर्चों का विवरण भी अपलोड करेंगी। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के कारण ग्राम पंचायतें ग्राम सभा की बैठकें करने में असमर्थ हैं। इसलिए ई-ग्राम सभा की अवधारणा शुरू की गई है।
