तीन कृषि कानूनों की वापसी या संशोधन के लिए महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू शनिवार को दूसरे दिन भी चौबीसी चबूतरे पर धरने पर रहे। उनके साथ 11 अनशनकारी धरने पर बैठे। तय कार्यक्रम के अनुसार धरनास्थल पर सबसे पहले हवन यज्ञ किया गया।

अनशन पर चल रहे सभी 11 अनशनकारियों को पंचायतियों के साथ कुंडू ने जूस पिलाकर उनकी जगह पर 11 नए लोगों को एक दिन के अनशन पर बैठाया। इस मौके पर कुंडू ने तीनों नए कानूनों के खिलाफ एकजुट होकर मजबूती से लड़ने का संकल्प दोहराया और कहा कि यह किसान-कमेरे की लड़ाई है और जब तक सरकार इन कानूनों में जरूरी सुधार करके किसान की फसल के एमएसपी की गारंटी और उसकी पेमेंट की जिम्मेदारी नहीं लेगी, किसान-मजदूर के इंसाफ की यह जंग जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसान-मजदूर की ही नहीं बल्कि सभी 36 बिरादरी के लोगों की लड़ाई है। किसान-मजदूर न्याय युद्ध के अनशन और धरने के दूसरे दिन भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कई संगठनों के लोग अपना समर्थन देने महम पहुंचे।
अगले 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठने वालों में भिवानी से सुरेंद्र तालू, जींद से सोनू राठी, नरेंद्र मान, ताराचंद, सुरेंद्र, राजकुमार, तेजू, कैप्टन राजबीर, जितेंद्र भगत, जियानंद व अजय शामिल हैं। जबकि शुक्रवार को संदीप भारती (हिसार), प्रदीप धनखड़ (झज्जर), अमित लठवाल (सोनीपत), रमेश पंघाल (भिवानी), नवदीप भनवाला (कैथल) के अलावा महम हलके से अंकित, अरमान, सुनील, सुभाष, दीपक व सोनू अनशन पर बैठे थे।
