दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पर्यावरण पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया गया है। सात अक्तूबर को आयोजित होने वाले ‘डेयरिंग सिटीज 2020’ के मंच पर मुख्यमंत्री देश और दुनिया के सामने अपनी बात रखेंगे।

सम्मेलन की मेजबानी जर्मनी सरकार के सहयोग से बॉन शहर में की जा रही है। ‘डेयरिंग सिटीज’ जलवायु परिवर्तन पर शहरी नेताओं का एक वैश्विक मंच है। विशेषकर कोविड -19 महामारी के संदर्भ में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जलवायु आपातकाल और पर्यावरणीय स्थिरता से निपटने के लिए की गई बहुस्तरीय कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए बोगोटा (कोलंबिया), साओ पाओलो (ब्राजील), लॉस एंजल्स (यूएसए) और एंटेब्बे (युगांडा) के शहरी नेताओं और निर्णयकर्ताओं के साथ आमंत्रित किया गया है। ये मंच जलवायु से संबंधित विषयों पर चर्चा कराता है। मुख्यमंत्री इस मंच के माध्यम से बताएंगे कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने वायु प्रदूषण के संकट का समाधान करने के लिए पूसा इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित की गई। नई तकनीक डीकंपोजर जो भारत में अपनी तरह की पहली ईवी नीति को लागू करके मौजूदा जलवायु आपातकाल से निपटने के लिए कदम उठाया गया है।
वर्चुअल फोरम के माध्यम से सात अक्तूबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, उतरी अमेरिका और एशिया के प्रतिष्ठित शहरों और उप-व्यायवायिक नेता भी अगले 5 वर्षों में अपने-अपने शहर व क्षेत्र के बदलाव पर विचार प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री पूर्ण सत्र में बोलेंगे। देश भर के एक हजार से अधिक मेयर नगर पार्षदों, शहरी विचारक नेताओं, राष्ट्रीय सरकार के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, व्यापार जगत के नेताओं और समुदायिक आयोजकों के अंतरराष्ट्रीय और बहुआयामी दर्शकों को संबोधित करेंगे। पूर्ण सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संघीय मंत्री पर्यावरण, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा (बीएमयू), जर्मनी के एचई स्वेंजा शुल्जे के मुख्य भाषण को भी शामिल किया जाएगा।
