चंडीगढ़ : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों के तहत वन, कृषि और हरित क्षेत्र की निगरानी अब सेटेलाइट के जरिये होगी। जमीनी सच्चाई जानने के लिए सेटेलाइट इमेज (Satellite image) और राजस्व रिकार्ड (Revenue record) का मिलान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की 39वीं बैठक में यह बात कही। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये हुई इस बैठक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्यों के बोर्ड के सदस्य भी शामिल हुए। इस दौरान NCR क्षेत्र, सब-रीजनल योजनाओं, हरियाणा के राष्ट्रीय संरक्षण क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। इसके अलावा NCR में जल संरक्षण जैसे यमुना नदी में प्रदूषित जल स्तर और सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि दर जैसे विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा NCR परियोजना को सफल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किए गए कार्य बहुत ही प्रेरणादायक हैं, जो कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने अन्य राज्यों से भी हरियाणा की कार्यशैली को अपनाने का अनुरोध किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आश्वासन दिया कि रीजनल प्लान-2041 (Regional Plan-2041) के प्रारूप में भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए हरियाणा सरकार तेजी से कार्य करेगी। इस दौरान मुख्य सचिव विजय वर्धन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपनी बात रखी।
