नई दिल्ली : दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute Of Medical Sciences, New Delhi) की ओपीडी में मरीजों को भर्ती के लिए अब 12 अक्टूबर तक इंतजार करना होगा। पिछले महीने एम्स ने ओपीडी के जरिये भर्ती पर रोक लगाई थी और अब यह रोक 12 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। यह रोक पहले सितंबर में 15 दिन के लिए लगाई गई थी। लेकिन, बड़ी संख्या में इमरजेंसी में मरीज आने के कारण इसे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल एम्स में इलाज के लिए सिर्फ गंभीर मरीजों को ही इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के संकट के कारण एम्स में इलाज कराने के लिए मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन में छूट के बाद एम्स में गैर कोरोना मरीजों का इलाज शुरू तो किया गया है, लेकिन अभी तक स्थिति पहले की तरह सामान्य नहीं हो पाई है। अभी तक न ही ओपीडी स्तर पर इलाज शुरू हुआ और न ही रुटीन सर्जरी। अभी एम्स का केवल इमरजेंसी के मरीजों के इलाज पर ही सारा फोकस है।
वहीं, एम्स से मिली जानकारी के अनुसार एम्स के पुराने मरीज और फॉलोअप वाले मरीजों का लॉकडाउन में इलाज नहीं होने से उनकी स्थिति पहले से खराब हो गई है, इसलिए ऐसे मरीजों का पहले इलाज करने का फैसला लिया गया है। अभी एम्स की इमरजेंसी में औसतन रोज 450 से 500 मरीज आते हैं, जिसमें से 40 से 50 मरीजों को भर्ती करने की जरूरत होती है।बता दें कि दिल्ली स्थति एम्स में कोविड-19 के मरीजों का भी इलाज किया जाता है। एम्स में दिल्ली के साथ-साथ देशभर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में यहां पर हर समय मरीजों की भीड़ रहती है और कोविड-19 फैलने के दौरान ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।
