चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने राज्य के महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों को आगामी 16 नवंबर 2020 से खोलने का निर्णय लिया है जबकि ऑनलाइन कक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं।हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने ‘स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम’ के दिशा-निर्देशानुसार 16 नंवबर 2020 से सरकारी, एडिड व स्वयंपोषित महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों को खोलने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उक्त संस्थानों में शैक्षणिक स्टॉफ उपस्थित रहेगा। अगर किसी विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई से संंबंधित किसी समस्या का समाधान ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से नहीं मिल रहा है तो वह सोशल डिस्टेंसिंग व कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखकर महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में आकर अपनी शंका का समाधान कर सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग ने आज से ऑनलाइन कक्षाएं भी शुरू कर दी हैं।
चंडीगढ़ 2 नवंबर- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से एक एचसीएस अधिकारी लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) राजेश पुनिया को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) का कार्यभार सौंपा है।
चंडीगढ़, 2 नवंबर- हरियाणा सरकार ने प्रदेश में आयातित पटाखों को रखने और उनकी बिक्री करने को अवैध एवं दंडनीय घोषित किया है।एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि सभी जिला उपायुक्तों को इस संबंध में सतर्क रहने और आयातित पटाखों की बिक्री एवं वितरण के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें सभी प्रतिष्ठानों के व्यापक निरीक्षण और निवारक कार्रवाई के माध्यम से यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया है कि आयातित पटाखों का भण्डारण न हो।
प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी एक प्रपत्र के अनुसार पटाखे भारतीय ट्रेड क्लासिफिकेशन (हार्मोनाइज्ड सिस्टम) के तहत आते हैं और उनका आयात प्रतिबंधित है। विदेश व्यापार महानिदेशालय से लाइसेंस या प्राधिकार प्राप्त किए बिना पटाखों का आयात नहीं किया जा सकता है और हाल ही के वर्षों के दौरान महानिदेशालय द्वारा पटाखों के आयात के लिए कोई लाइसेंस / प्राधिकार जारी नहीं किया गया है। पटाखों की बिक्री करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है जो पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा जारी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में सभी जिला उपायुक्तों, पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आयातित पटाखों की बिक्री को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं और लोगों को ऐसे पटाखों का उपयोग न करने बारे सचेत करें। इस तरह के पटाखों को रखने या बिक्री करने के मामलों बारे तुरन्त निकटतम पुलिस स्टेशन को सूचित किया जाए ताकि ऐसे करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
चंडीगढ़, 2 नवंबर- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करने और पुरानी शिकायतों की सुनवाई के लिए उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के सदस्य नवम्बर माह में विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगे।निगम के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मंच के सदस्य, 03 नवम्बर को कैथल, 05 को पानीपत, 09 को यमुनानगर, 11 को करनाल, 13 को सोनीपत, 17 को कुरुक्षेत्र, 19 को झज्जर, 23 को रोहतक, 25 को अंबाला और 27 को पंचकूला, सी.जी.आर.एफ. दफतर के अधीक्षण अभियंताओं के कार्यालय में शिकायतों की सुनवाई करेंगे और नई शिकायतें भी दर्ज करेंगे। इससे उपभोक्ताओं को अपने केस की सुनवाई की सुविधा निकटतम स्थान पर उपलब्ध होगी।
मंच के सदस्य उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं की सुनवाई करेंगे, जिनमें मुख्यत: बिलिंग, वोल्टेज़, मीटरिंग से सम्बंधित शिकायतें, कनैक्शन काटने और जोडऩे, बिजली आपूर्ति में बाधाएं, कार्यकुशलता, सुरक्षा, विश्वसनीयता में कमी और हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के आदेशों की अवहेलना आदि शामिल हैं। बहरहाल, मंच द्वारा बिजली अधिनियम की धारा 126 तथा धारा 135 से 139 के अन्तर्गत बिजली चोरी और बिजली के अनधिकृत उपयोग के मामलों में दंड तथा जुर्माना और धारा 161 के अन्तर्गत जांच एवं दुर्घटनाओं से सम्बंधित मामलों की सुनवाई नहीं की जाएगी।
चंडीगढ़, 2 नवंबर- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय,हिसार के सायना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षण संस्थान में तीन दिवसीय ‘सब्जी उत्पादन एवं गृह वाटिका हेतू नर्सरी तैयार करना’ विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान के सह-निदेशक (प्रशिक्षण)डॉ. अशोक गोदारा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए इस प्रशिक्षण का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण की आयोजक विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आर.एस. हुड्डा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रशिक्षणार्थियों को सब्जी के बेहतर उत्पादन के साथ-साथ गृह वाटिका तैयार करने के टिप्स बताए। इसके अलावा सब्जी उत्पादन में नर्सरी को तैयार करने के महत्व के साथ-साथ गृह वाटिका को तैयार करने की विधि की भी जानकारी दी। संस्थान की सहायक निदेशक (मृदा विज्ञान) डॉ. उषा वशिष्ठ ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि नर्सरी तैयार करने से पहले जमीन का चुनाव बहुत ही जरूरी है। इसके बाद उस मिट्टी की जांच व उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी हासिल करें। इसके बाद ही नर्सरी को तैयार करें।
सब्जी विज्ञान विभाग के सहायक वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षण के संयोजक डॉ. देवेंद्र कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को नर्सरी तैयार करने की विभिन्न आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. एस.के. तेहलान ने किसानों को सर्दियों के मौसम की सब्जियों जैसे प्याज, लहसुन, पालक, मेथी, फूलगोभी और गोभी की खेती के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. राकेश चुघ ने सब्जियों को बीमारी से बचाने के लिए सुझाव दिए। डॉ. भूपेंद्र सिंह व डॉ. निर्मल कुमार ने भी अपने विचार रखे।
