फरीदाबाद : लघु सचिवालय सेक्टर-12 जिला उपायुक्त के प्रतिनिधि एसडीएम जितेंदर कुमार को इंडियन जॉर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया फरीदाबाद, जिला प्रधान पत्रकार मोहन तिवारी ने अपने साथ दर्जन भर पत्रकारों के साथ महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि रिपब्लिक मीडिया समूह के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को रॉय गढ़ पुलिस ने आत्महत्या के उकसाने के लिए मई 2018 के मामले में गिरफ्तारी किया है।

पत्रकार मोहन तिवारी ने कहा कि आननफानन में हुई गिरफ्तारी की ये मामला राज्य की शक्तियों के दुरुपयोग का प्रतीक होता है, हम इसकी कड़ी निंदा करते है। हम महराष्ट्र सरकार से और जांच एजेंसीयों से भी यह उम्मीद करते है कि पत्रकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी व सम्मान को बरकार रखते हुए वह कानून के दायरे में रहकर अपना काम करे, जिसके चलते उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को इस मामले में दखल देने की बात कही है। पत्रकार मोहन तिवारी ने कहा कि वह जानते है कि पत्रकार किसी भी तरह के कानून से ऊपर नही है,लेकिन सरकार की बदले की ऐसी कार्यवाही भी उचित नही है। महाराष्ट्र सरकार को सबसे पहले अर्णब को पहले नोटिस देना चाहिए था अगर उनके तरफ से कोई उचित जवाब नही आता जब जाकर कोई ऐसी कार्यवाही बनती थी,जिस तरह से तस्वीरे देखने को मिल रहा है वो ठीक नही है।
पत्रकार मोहन तिवारी ने बताया कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान मुंबई पुलिस द्वारा बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। अर्णब गोस्वामी का कहना है कि मुंबई पुलिस ने उनकी सास, सुसर, बेटे और पत्नी के साथ मारपीट की। रिपब्लिक टीवी पर प्ले किए गए वीडियो के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी के साथ भी मारपीट की। आपको बता दें अर्नब को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके चलते पत्रकार जगत में काफी आक्रोश है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रूपेश देव, राकेश सुखवारिया, रंजीत सिंह,प्रेम तिवारी, हेमराज कपासिया व अन्य पत्रकार साथी मौजूद रहे।
