चंडीगढ़ : बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार ने निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाकर प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलवाने की दिशा में मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है। कोरोना काल में हजारों युवाओं की नौकरियां छीनने के बाद नया आरक्षण बिल कानून प्रदेश के युवाओं को नौकरियों के नए अवसर उपलब्ध करवा कर उनकी नई तकदीर लिखेगा। उद्योगों में प्रदेश के युवाओं का नौकरियां देने का नया कानून लागू होने के साथ ही निजी क्षेत्र में नौकरियों के नए अवसर मिलेंगे। एक ओर जहां सरकारी महकमों में घटते रोजगार के अवसरों के बीच बढ़ती बेरोजगारी का दवाब भी कम होगा वहीं दूसरी ओर हरियाणा में उद्योगों के लिए नए स्वर्णिम दौर की शुरूआत होगी। निजी क्षेत्र में बढ़ते रोजगार के अवसरों को गठबंधन सरकार ने बखूबी समझा है। या यूं कहें कि निजी क्षेत्र के माध्यम से हरियाणा के लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के सपनों को पंख लगाने का जिम्मा सरकार ने अपने सिर पर लिया है। वर्तमान में प्रदेश में करीबन छोटे और बड़े उद्योगों की संख्या 60 हजार हैं जहां पर 40 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। हरियाणा सरकार के नए कानून से प्रदेश के युवा उत्साहित तो हैं ही साथ ही उद्योगपति भी खुश हैं कि उनको अब कौशल से निपुण युवा मिलेंगे। क्योंकि उद्योगों को नए भर्ती किये गए युवाओं को उनके कार्य से संबंधित प्रशिक्षण देने में ही काफी समय व धन खर्च करना पड़ता था।तकनीकी युग एवं अधिकतर काम कंप्यूटराइज्ड होने के चलते सरकारी नौकरियां तो नाम मात्र की बची हैं, ऐसे में पढ़े-लिखे सभी बेरोजगारों को रोजगार देना सरकार के लिए चुनौती है। प्रत्येक राजनीतिक दल द्वारा चुनाव के समय इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश भी की जाती रही है। परन्तु अब निजी क्षेत्र की करीबन दो तिहाई नौकरियों में हरियाणा के युवाओं का अधिकार बनने के बाद लाखों युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में नौकरियों के द्वार खुल जाएंगे।

2019 के विधानसभा चुनावों से चुनाव से मात्र 10 माह पहले बनी जेजेपी के युवा नेता दुष्यन्त चौटाला विदेश में बेशक पढ़े हों परन्तु उन्होंने राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं का मर्म समझा और बिना लारा-लप्पा दिए चुनावों से पहले इसका खूब प्रचार किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो प्रदेश में स्थापित उद्योगों में 75 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय युवाओं को दी जाएंगी। वे बखूबी जानते हैं कि सरकारी नौकरियां सीमित होने के कारण लाखों बेरोजगार युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में ही रोजगार दिया जा सकता है। बेशक विधानसभा में 10 सीटें जीतने वाली जेजेपी को प्रदेश में पूर्ण बहुमत नहीं मिला परन्तु भाजपा के साथ खड़ा होकर प्रदेश में एक स्थायी सरकार बनाने की नींव रखी और गठबंधन सरकार ने युवाओं के साथ किए गए वायदे को सरकार की पहली वर्षगांठ के कुछ ही दिनों बाद पूरा कर दिया। बीजेपी-जेजेपी की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंत्रीपरिद व कानूनविदों से विचार-विमर्श कर इसका खाका बनाना शुरू कर दिया था और वीरवार को डिप्टी सीएम ने निजी क्षेत्र में आरक्षण देने को लेकर बिल सदन में रखा और गठबंधन सरकार ने अपने वायदे को
