तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने को लेकर किसान पिछले 21 दिनों से बॉर्डर पर डेट हुए हैं। वहीं इस दौरान इन किसानों में से कई किसानों की जहां ह्रदयघात से मौत हो चुकी है, वहीं कई ऐसे किसान भी हैं जिन्हें आंदोलन स्थल पर ही कई बीमारियों ने जकड़ रखा है और उन्हें उचित उपचार मुहैया नहीं हो पा रहा है।
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ऐसे ही किसानों को उनके दर्द से निजात दिलाने के लिए अमेरिका से डॉक्टर यहां टिकरी बॉर्डर स्थित धरनास्थल पर पहुंचे हैं। वे किसानों के घुटने व कमर के अलावा हार्ट से जुड़ी बीमारियों का इलाज कर रहे हैं।पंजाब से जुड़े डाक्टर स्वायाथ सिंह फिजियोथेरिपी साथी चिकित्सक के साथ अमेरिका से यहां टिकरी बॉर्डर आंदोलन स्थल पर पहुंचकर किसानों का इलाज कर रहे हैं। डॉ. स्वायाथ सिंह के अनुसार ये एक कठिन परिस्थितियों का दौर है।
कोरोना की बीमारी विश्व भर में गंभीर रूप ले चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी हमारे किसान, जिसके बलबूते हमने देश की अनेकों लड़ाई जीती है वे सड़क पर अपनी मांगों के लिए बैठे हुए हैं। धरना स्थल पर जमा गंदगी को लेकर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि यदि धरना स्थल पर गंदगी का यही हाल रहा तो कोरोना के अलावा, डेंगू व साथ-साथ अन्य बीमारियां भी यहां किसानों में फैल सकती है, लेकिन वे जब तक आंदोलन खत्म नहीं हो जाता तब तक यहां डटे रहेंगे और किसानों को इलाज मुहैया कराते रहेंगे।
अपने साथ लाखों रुपये की दवाइयां यहां लेकर पहुंचे डॉ. स्वायाथ सिंह ने आगे कहा कि हम यहां किसानों के लिए आये हैं उनके साथ ही वापस जाएंगे। जब तक किसान यहां डटे रहेंगे हम भी उनके साथ ही रहेंगे।


