भिवानी : देश की राजधानी के दृश्य लोकतंत्र की गरिमा को चोट पहुँचाने वाले हैं। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नही है उक्त शब्द भाजपा नेता रीतिक वधवा ने दिल्ली में हुए बवाल पर टिप्पणी करते हुए कहे ! उन्होंने दिल्ली किसान आंदोलन में हुई हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अब वह नेता कहां है जो इस ट्रैक्टर मार्च की जिम्मेदारी उठा रहे थे। भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कहा कि ट्रैक्टर मार्च का रूट भी ग़ायब, ज़िम्मेदारी लेने वाले, किसान संगठनों के नेता भी ग़ायब हैं , किसानों के नाम पर हिंसा हो रही हैं ,क़ानूनों में सुधार की गारंटी व डेढ़ साल तक रोकने के जीत के बाद भी कौन दहला रहा है गणतंत्र दिवस पर अपनी ही राजधानी को और किस मक़सद से सब हो रहा है । भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कहा कि लाल क़िला देश के सम्मान का प्रतीक है और इस पर देश के प्रधानमंत्री को ही झंडा फहराने का अधिकार है। आज तिरंगे के अतिरिक्त धार्मिक झंडा फहराने की घटना देश के हर नागरिक को शर्मिन्दा करने वाली है।
पुलिस की शर्तें भी तोड़ी, खुद के तय किए कायदे भी धरे रह गए | भाजपा नेता रीतिक वधवा ने कहा कि पुलिस ने शर्तों के साथ किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत दी थी। किसानों ने खुद भी कुछ नियम तय किए थे, लेकिन ट्रैक्टर मार्च आगे बढ़ा तो प्रदर्शनकारियों ने सभी नियम-कायदे ताक पर रख दिए गए। गौरतलब है कि दिल्ली बॉर्डर पर जमे किसानों ने आज ट्रैक्टर निकाली। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच जमकर झड़प हुई। कई प्रदर्शनकारी किसान जगह-जगह बैरिकेडिंग तोड़ते हुए दिल्ली के अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों के हंगामे और पुलिस को दौड़ाने पर किसान नेताओं ने भी पल्ला झाड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। सवाल यही है कि पिछले दो महीने से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों को आखिर किसने भड़काया। ।
