मेरठ : अच्छी सेहत हर किसी की चाहत होती है, लेकिन केवल चाहने भर से अच्छी सेहत नहीं बन सकती है। कहते हैं कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। प्रीवेंशन बेटर देन क्योर यानी इलाज से बेहतर रोकथाम करना है। अगर हम रात में जल्दी बिस्तर पर जाते सो जाते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं। तो कई बीमारियों से खुद को बचा भी सकते हैं। इन कहावतों को वास्तविकता में उतार लिया तो काफी हद तक खुद को स्वस्थ भी रख सकते हैं। कोविड की वजह से लोगों ने सेहत के महत्व को अच्छे से समझा है। बाहर का खाना कम किया है। सुबह उठने के बाद लोग योग, अभ्यास, ध्यान कर रहे हैं। मुक्ताकाश नाट्य संस्थान मेरठ की संचालिका विचित्र कौशिक ने अपने फिटनेस को लेकर पूरी तरह से सजग हैं।

नियमित रूप से सुबह उठती हैं विचित्र
विचित्र नियमित रूप से सुबह 5:45 बजे बिस्तर छोड़ देती हैं। दैनिक क्रिया से दो से तीन गिलास गर्म पानी पीने के बाद योगा और एक्सरसाइज करती हैं। वह योग के साथ-साथ शारीरिक अभ्यास को रोचक बनाने के लिए एरोबिक्स व डांस के जैसी एक्टिविटीज भी करती हैं। सुबह के अभ्यास से वह दिन भर खुद को दुरुस्त और तरोताजा महसूस करती हैं। वह बताती हैं कि रूटीन में सुबह 30 मिनट का योगाभ्यास और शाम को आधे घंटे की वाक भी पर्याप्त है। वह अपने अनुभव और अभ्यास से कहती हैं कि महिलाओं, स्टूडेंट्स, युवा पीढ़ी को अपने तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए योगाभ्यास व अपनी पसंदीदा एक्सरसाइज जिसमें उन्हें आनंद आता हो कम से कम 30 मिनट तक जरूर करना चाहिए।
