भिवानी : जंक्शन पर आओ तो टिकट बुक कराओ। टिकट बुक कराना ज्यादातर यात्रियों को आता ही नहीं है। इतना ही नहीं अब स्पेशल गाड़ी के नाम पर किराया भी कई गुना ज्यादा लिया जा रहा है। यह भी यात्रियों की जेब पर बेवजह का बोझ डाला जा रहा है। कम से कम 45 रुपये किराया कर दिया गया है। जहां का मात्र 10 रुपये किराया था उसकी जगह 45 रुपये किराया देना पड़ रहा है। यह यात्रियों के साथ न्याय नहीं है। ऐसे में जंक्शन पर नियमित रूप से टिकट खिड़की खोली जाए। इसके अलावा पहले की तरह सामान्य रेल सेवा शुरू की जाए ताकि यात्रियों को सुचारू रेल सेवा मिलने के साथ सस्ती रेल सेवा भी मिल सके। यात्री बोले-टिकट खिड़की नियमित रूप से खोली जाए कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती है। इसलिए रिजर्वेशन के बजाय अब टिकट विडो ओपन कर देनी चाहिए। बिहार में तो टिकट विडो खुल चुकी है। अब कोरोना का दौर भी खत्म हो चुका है। इसलिए रेलवे को चाहिए कि टिकट विडो नियमित रूप से खोल दी जाएं। स्पेशल गाड़ी के नाम पर किराया बढ़ाने की बजाय सामान्य रेल सेवा शुरू की जाए ताकि यात्रियों पर बेवजह का आर्थिक बोझ न पड़े।

सचिन, रेल यात्री जब गाड़ियां चलनी शुरू हो गई हैं तो टिकट विडो भी 24 घंटे के लिए लगातार खुली रहनी चाहिए। अनेक यात्री हैं जिनको टिकट बुक करानी ही नहीं आती। वे कर्मचारियों से फरियाद करते रहते हैं और टिकट विडो पर कर्मचारियों को फुर्सत नहीं होती। इसलिए आम आदमी की सुविधा के लिए टिकट खिड़की नियमित रूप से खोली जाए।
मितलेश, रेल यात्री भगवान जाने कब तक नियमित रूप से टिकट खिड़की खोली जाएगी। हमें अपनी टिकट बुक करानी नहीं आती। इसके लिए कोई पढ़ा लिखा समझदार व्यक्ति साथ लाओ या रेलवे कर्मचारियों से फरियाद करो। रेलवे के आला अधिकारियों से हमारी फरियाद है कि टिकट खिड़की को जल्द से जल्द नियमित रूप से खोली जाए। गंगाशाह, रेल यात्री किराया बढ़ौतरी गलत, टिकट खिड़की खोली जाए रेलवे ने पैसेंजर गाड़ियों को स्पेशल गाड़ी के नाम पर चला कर किराया बढ़ा दिया है। यह यात्रियों के साथ अन्याय है। अब गाड़ियां चलनी शुरू हो गई हैं तो टिकट खिड़की भी नियमित रूप से खोली जाएं। दैनिक रेल यात्री संघ डीआरएम को इस बारे में ज्ञापन पत्र भेजेगा।
